'गलती NTA की फिर सजा छात्रों को क्यों?': UGC-NET री-एग्जाम पर राहुल गांधी का हमला, एनटीए से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट के तीन पेपर दोबारा कराने के फैसले पर एनटीए और मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गलती एनटीए की है, लेकिन सजा छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। राहुल ने पेपर लीक की आशंका पर सवाल उठाते हुए एनटीए नेतृत्व की जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की।
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को यूजीसी-नेट की दोबारा परीक्षा को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। इसके साथ ही मांग की कि इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह तो बस पैसा वसूलने वाली मशीन बन गई है।’ उन्होंंने आगे कहा कि मोदी जी, देखिए आपकी एनटीए ने अभी क्या किया है।
'गलती एनटीए करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतते हैं'
सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स के लिए यूजीसी-नेट परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच हुई थीं। लगभग दो महीने बाद,एनटीए ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया क्योंकि उसने गलत पेपर सेट किए थे और पुराने सवाल दोहराए थे। जिन हजारों उम्मीदवारों ने वर्षों तक तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी और दूर-दराज के सेंटर्स तक का सफर किया, उन्हें अब सितंबर में यह सब फिर से करना होगा। गलती एनटीए करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतते हैं।'
शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आगे कहा, 'मैंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में यह बात कही थी और आगे भी कहता रहूंगा। यह अब कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह एक 'एक्सट्रैक्शन मशीन' (शोषण करने वाली मशीन) बन गई है। यह आपके पैसे, आपके साल, आपकी मानसिक सेहत और आपका आत्मविश्वास छीन लेती है और बदले में कुछ नहीं देती। यहां तक कि नौकरी भी नहीं।'
एनटीए पर क्या निशाना साधा?
'एनटीए अब भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रहा है। क्या परीक्षा से पहले ये पेपर लीक हुए थे?' उन्होंने आगे कहा, 'मोदी सरकार के बाकी विभागों की तरह, एनटीए भी कभी अपनी गलती नहीं मानता। जैसे गड़बड़ी वाले दूसरे पेपर्स के मामले में हुआ, मुझे पूरा यकीन है कि इस बार भी किसी की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी।'
छात्रों से क्या कहा?
कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। उन्होंने मांग की, 'एनटीए की लीडरशिप को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि, 'सितंबर में दोबारा यह परीक्षा देने वाले हर छात्र से मैं कहना चाहता हूं।
समस्या आप नहीं हैं। पीएम मोदी ने एक ऐसी व्यवस्था बनाई है जो ठीक से परीक्षा आयोजित नहीं कर सकती और फिर परीक्षा देने वाले छात्रों को ही दोष देती है। आपके साल छीने जा रहे हैं और जब तक पीएम मोदी इसका जवाब नहीं देते, हम नहीं रुकेंगे।'
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार को यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के तीन पेपर इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की। इन पेपरों में कई गलतियों की शिकायतें मिली थीं।
कब है परीक्षा?
इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली शिफ्ट में होगा। वहीं, कॉमर्स का पेपर उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक दूसरी शिफ्ट में होगा। सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली शिफ्ट में होगा।