Karnataka: विधायक यतनाल का दावा, कहा- मुझे सीएम उम्मीदवार बनाया तो भाजपा जीतेगी 150 सीटें
यतमाल तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अधीन भी काम कर चुके हैं और पहले भी मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त कर चुके हैं।
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भाजपा के वरिष्ठ विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने बुधवार को दावा किया कि उनके पास कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की सभी योग्यताएं हैं और अगर उनके नेतृत्व में चुनाव होता है तो पार्टी 2023 के विधानसभा चुनावों में आसानी से 150 सीटें जीत लेगी। राज्य के भाजपा के मजबूत नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के खुले आलोचक विजयपुरा शहर के विधायक यतनाल ने बाद में संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वंशवादी राजनीति को समाप्त करने के बयान को भी याद किया।
कहा, मुझमें सभी योग्यताएं
भाजपा के वरिष्ठ विधायक ने कहा, आप येदियुरप्पा को लेकर (विधानसभा चुनाव के लिए) टिकट मिलने के बारे में अनुमान लगा सकते हैं, लेकिन यतनाल को टिकट मिलेगा और अगली बार भी विधायक बनेंगे। जब पत्रकारों ने उनसे मंत्री या सीएम बनने के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मुझमें सभी योग्यताएं हैं। अगर मैं सीएम उम्मीदवार बना, तो हमें आसानी से 150 सीटें (225 सदस्यीय विधानसभा में) मिल जाएंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री यतमाल तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अधीन भी काम कर चुके हैं और पहले भी मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त कर चुके हैं।
हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा 2023 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी, लेकिन येदियुरप्पा सहित राज्य के कई नेताओं की ओर से सामूहिक नेतृत्व के बारे में बार-बार बयान देने के कारण इस पर संशय है। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी नेतृत्व में कोई बदलाव किए बिना चुनाव जीतने की स्थिति में है, यतनाल ने केवल इतना कहा कि पार्टी आलाकमान को सब कुछ पता है और वह सही समय पर सही निर्णय लेगा।
आलाकमान के फैसले का पालन करूंगा
उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि आलाकमान फैसला करेगा कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापस आए। संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में येदियुरप्पा की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर यतनाल ने कहा कि एक बार आलाकमान ने फैसला कर लिया है, तो वह इसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आलाकमान ने कुछ दूरदर्शिता के साथ फैसला किया हो। पीएम मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि वंशवादी राजनीति खत्म हो जाएगी। हम सभी को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। यतनाल येदियुरप्पा और उनके बेटे बी वाई विजयेंद्र की राजनीतिक गतिविधियों के जाने-माने आलोचक रहे हैं और उन्होंने उन पर भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति का भी आरोप लगाया है।