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Karur Tragedy: 'अगर सुरक्षा होती, तो 41 जानें बचाई जा सकती थीं', स्टालिन सरकार पर पलानीस्वामी का करारा हमला
Thu, 02 Oct 2025 09:11 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 02 Oct 2025 09:11 PM IST
सार
Palaniswami On Karur Tragedy: पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने मांग की कि राज्य सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय दोष दूसरों पर न डाले और आने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि 2026 के चुनावों में जनता इसका सही जवाब देगी।
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एडप्पादी के पलानीस्वामी, एआईएडीएमके महासचिव
- फोटो : ANI
विस्तार
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को करूर भगदड़ की घटना के लिए तमिलनाडु सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना में 27 सितंबर को कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। यह हादसा करूर-ईरोड हाइवे पर वेलुसामयपुरम में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ के दौरान हुई थी।
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ऐसी त्रासदी पहले कभी नहीं हुई- पलानीस्वामी
पलानीस्वामी ने कहा कि अगर सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए होते तो ये जानें बच सकती थीं। उन्होंने सवाल उठाया, 'तमिलनाडु में 41 लोगों की मौत की जिम्मेदारी किसकी है?' उन्होंने दावा किया कि पहले कभी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में इतनी बड़ी त्रासदी नहीं हुई।
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'विपक्ष के लिए अलग-अलग रवैया अपनाती है सरकार'
एआईएडीएमके नेता ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग तरह का रवैया अपनाती है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल की बैठकों में भारी पुलिस बल तैनात होता है, जबकि विपक्षी दलों के कार्यक्रमों में सुरक्षा जानबूझकर कम की जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, और अगर उन्होंने सही निर्देश दिए होते तो यह हादसा नहीं होता।
जांच आयोग पर भी पलानीस्वामी ने उठाए सवाल
पलानीस्वामी ने सरकार की तरफ से गठित जांच आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब एडीजीपी स्तर के अधिकारी पहले से सरकार का बचाव कर रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि करूर घटना पर प्रेस से बात करते समय उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
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आज पूरा राज्य शर्म से झुक गया है- पलानीस्वामी
एआईएडीएमके महासचिव ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में 163 विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां की थीं, लेकिन केवल कुछ जिलों में ही सुरक्षा मिली। ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा इंतजाम उनकी पार्टी और सहयोगियों को खुद करने पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन को घेरते हुए कहा, 'स्टालिन ने कहा था कि तमिलनाडु कभी सिर झुकाएगा नहीं, लेकिन आज पूरा राज्य शर्म से झुक गया है। सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, यह घटना पूरे देश को हिला देने वाली है।'
यह त्रासदी तब हुई जब कार्यक्रम में भारी भीड़ जमा हो गई थी और अभिनेता विजय की देर से आने की वजह से भीड़ काबू से बाहर हो गई। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे।
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ऐसी त्रासदी पहले कभी नहीं हुई- पलानीस्वामी
पलानीस्वामी ने कहा कि अगर सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए होते तो ये जानें बच सकती थीं। उन्होंने सवाल उठाया, 'तमिलनाडु में 41 लोगों की मौत की जिम्मेदारी किसकी है?' उन्होंने दावा किया कि पहले कभी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में इतनी बड़ी त्रासदी नहीं हुई।
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'विपक्ष के लिए अलग-अलग रवैया अपनाती है सरकार'
एआईएडीएमके नेता ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग तरह का रवैया अपनाती है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल की बैठकों में भारी पुलिस बल तैनात होता है, जबकि विपक्षी दलों के कार्यक्रमों में सुरक्षा जानबूझकर कम की जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, और अगर उन्होंने सही निर्देश दिए होते तो यह हादसा नहीं होता।
जांच आयोग पर भी पलानीस्वामी ने उठाए सवाल
पलानीस्वामी ने सरकार की तरफ से गठित जांच आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब एडीजीपी स्तर के अधिकारी पहले से सरकार का बचाव कर रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि करूर घटना पर प्रेस से बात करते समय उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
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आज पूरा राज्य शर्म से झुक गया है- पलानीस्वामी
एआईएडीएमके महासचिव ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में 163 विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां की थीं, लेकिन केवल कुछ जिलों में ही सुरक्षा मिली। ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा इंतजाम उनकी पार्टी और सहयोगियों को खुद करने पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन को घेरते हुए कहा, 'स्टालिन ने कहा था कि तमिलनाडु कभी सिर झुकाएगा नहीं, लेकिन आज पूरा राज्य शर्म से झुक गया है। सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, यह घटना पूरे देश को हिला देने वाली है।'
यह त्रासदी तब हुई जब कार्यक्रम में भारी भीड़ जमा हो गई थी और अभिनेता विजय की देर से आने की वजह से भीड़ काबू से बाहर हो गई। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे।