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सावंत ने पूछा, 'नमक की जमीन' पर बिल्डिंग बन सकती है तो मेट्रो कार शेड क्यों नहीं
Tue, 22 Dec 2020 11:18 PM IST
दीप्ति मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Tue, 22 Dec 2020 11:18 PM IST
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भाजपा-कांग्रेस
- फोटो : social media
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई मेट्रो कार शेड को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मेट्रो कार शेड को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि कांजूरमार्ग स्थित खारभूमि (नमक की जमीन) पर जब हाऊसिंग परियोजना हो सकती थी, तो मेट्रो-3 के लिए कार शेड क्यों नहीं बन सकता। सावंत ने कहा कि एक भवन निर्माता कंपनी शापूरजी पालनजी के हाउसिंग परियोजना को लेकर तत्कालीन फडणवीस सरकार ने एक समिति गठित की थी।
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सावंत ने मंगलवार को कहा कि तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कांजूरमार्ग की खारभूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख घर बनाने के लिए अधिकारियों की एक समिति गठित की थी। 11 जून 2019 को इसके लिए जारी शासनादेश में कहा गया था कि शापूरजी पालनजी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए एक लाख सस्ते घरों के निर्माण के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली समिति गठित की गई है। हालांकि, इस जमीन को लेकर महेश गरोडिया और बिल्डर शापूरजी पालन जी के बीच हुए करार को 2016 में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
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सावंत ने सवाल किया कि इस जमीन का शापूरजी पालनजी से कोई संबंध नहीं है। इसकी पूरी पड़ताल किए बगैर फडणवीस सरकार ने यह प्रस्ताव कैसे स्वीकार कर लिया और इसके लिए उच्च स्तरिय समिति गठित कर दी। सावंत ने आरोप लगाया कि इस मामले में आर्थिक लाभ के चलते ऐसा किया गया। उन्होंने कहा कि क्या बिल्डर के एजेंट के रूप में भाजपा काम कर रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह रहे हैं कि सरकार मेट्रो-3 कार शेड के लिए काजूरमार्ग की जमीन का मोह छोड़ दे।लेकिन उनकी सरकार के समय मेट्रो-6 के कार शेड के लिए इसी कांजूरमार्ग की जमीन के लिए एमएमआरडीए ने मूल्य अदा करने का प्रस्ताव संबंधित विभाग को दिया था। अब राजनीतिक द्वेषवश मेट्रो कार शेड के निर्माण में भाजपा अडंगा लगा रही है।
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भाजपा का आरोप, झूठ बोलकर अज्ञानता का प्रदर्शन करते रहते हैं सावंत
महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि सावंत बार-बार गलतबयानी कर अपनी अज्ञानता का प्रदर्शन करते हैं। उपाध्ये ने कहा कि सावंत को राज्य सरकार की उस समिति की रिपोर्ट भी पढ़नी चाहिए, जिसमें साफ लिखा है कि कांजूरमार्ग में मेट्रो कारशेड निर्माण से 7 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च होंगे। साथ ही इससे साढ़े चार साल का विलंब भी होगा। भाजपा नेता ने कहा कि यह समिति गरीबों के लिए खार भूमि पर घर बनाने के लिए गठित की थी। पर यह मामला अदालत होने के कारण आगे कुछ नहीं हो सका।