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आईसीएमआर की चेतावनी: अगस्त के आखिर में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, लापरवाही पडे़गी भारी
Fri, 16 Jul 2021 07:23 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 16 Jul 2021 07:23 AM IST
सार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने वैश्विक साक्ष्य और महामारियों के इतिहास को देखते हुए सोमवार को कहा था कि तीसरी लहर आनी ही है और यह नजदीक है।
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बाजार में उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का अंदेशा लगातार बना हुआ है। अगस्त के अंत तक देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। हालांकि अनुमान है कि इसका असर दूसरी लहर के मुकाबले कुछ कम होगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) डिवीजन ऑफ एपिडिमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीजेज के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने इसका अनुमान जताया है।
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एक न्यूज चैनल से बातचीत में डॉ. पांडा ने कहा कि तीसरी लहर देशव्यापी होगी हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि यह दूसरी लहर की तरह भयावह और तेजी से फैलने वाली होगी। डॉ. पांडा ने तीसरी लहर आने के चार कारकों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पहला कारक पहली और दूसरी लहर में हासिल की गई इम्युनिटी का कम होना है। अगर ये नीचे जाती है तो तीसरी लहर आ सकती है।
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दूसरे कारक में उन्होंने बताया कि अभी तक हासिल की गई इम्युनिटी पर नया वैरिएंट बढ़त बना सकता है। डॉ. पांडा के मुताबिक तीसरा कारक ये है कि अगर नया वैरिएंट इम्युनिटी को पार नहीं कर पाता है तो इसकी प्रकृति तेजी से फैलने वाली हो सकती है।
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पांडा ने चौथा कारक राज्यों के जल्दीबाजी में प्रतिबंध हटाने को बताया जिससे कि नए मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। यह पूछे जाने पर कि ये वेरिएंट क्या डेल्टा प्लस हो सकता है, उन्होंने कहा कि दोनों ही वेरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस देश में फैले हुए हैं और उन्हें डेल्टा वेरिएंट से किसी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के कहर की उम्मीद नहीं है।
लगातार बरती जा रही ढिलाई
कोरोना के कम मामले आने और लॉकडाउन हटने के बाद से लोगों में लापरवाही साफ नजर आ रही है। लोग भारी संख्या में बाजारों, पर्यटक स्थलों व अन्य सार्वजनिक जगहों पर जमा हो रहे हैं। मास्क का पालन भी नहीं किया जा रहा है। आईएमए ने सरकार और लोगों के ढिलाई बरतने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन किए बगैर बड़ी संख्या में लोगों के जमाहोने को लेकर सोमवार को चिंता जताई थी। कहा कि ये घटनाएं महामारी की तीसरी लहर का मुख्य कारण बन सकती हैं। आईएमए ने एक बयान में कहा कि पर्यटकों का आगमन, तीर्थयात्राएं, धार्मिक उत्साह जरूरी हैं लेकिन कुछ और महीने इंतजार किया जा सकता है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पर्वतीय पर्यटन स्थलों सहित देश के अनेक हिस्सों में कोविड रोधी नियमों का खुला उल्लंघन देखा गया है और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराने से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे गए पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने यह भी कहा है कि सार्वजनिक परिवहन में कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया जा रहा और बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है और भौतिक दूरी बनाकर रखने के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।