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35 साल में 80 हजार किलोमीटर पैदल चले महात्मा गांधी, सेहत से जुड़ी कई नई बातें आईं सामने
Tue, 26 Mar 2019 12:36 PM IST
Prabudhh Jain
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Tue, 26 Mar 2019 12:36 PM IST
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महात्मा गांधी
महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने के लिए, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने गांधीवादी सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) का एक संस्करण विकसित किया है। इसमें 'गांधी एंड हेल्थ' को लेकर कई तथ्यों का जिक्र किया गया है। इस विशेष संस्करण में गांधी की चिकित्सा विरासत, उनके स्वास्थ्य प्रोफाइल और स्वास्थ्य पर उनके विभिन्न प्रयोगों, प्रकाशित लेखों व उपलब्ध स्वास्थ्य अभिलेखों के आधार पर विवरण दिया गया है। इसमें बताया गया है कि गांधी जी की अनुशासित दिनचर्या के चलते उनकी आंखें भी ठीक रही थीं। लेंस बदलने के अलावा उनकी आंखों में अन्य कोई बीमारी नहीं थी।
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महात्मा गांधी ने 35 सालों में करीब 79 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा तय की थी। यदि इस दूरी को दूसरे संदर्भ में नापें तो यह पृथ्वी के दो चक्कर लगाने के बराबर हो जाती है। अपनी इस यात्रा के दौरान गांधी जी ने किसी तरह का कोई हेल्थ सप्लीमेंट या मांसाहार नहीं लिया।
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चूंकि वे शुद्ध शाकाहारी थे, इसलिए उन्होंने दूध और इससे बने पदार्थ खाकर अपनी यात्राएं पूरी की थी। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर रहता था। उनका ब्लड प्रेशर 26 अक्तूबर 1937 को 194/130 और 19 फरवरी 1940 को 220/110 रहा था।
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उनका शुगर लेवल नॉमर्ल से काफी कम ही रहता था। जैसे 19 जनवरी 1936 को उनका शुगर लेवल 41, 9 दिसंबर 1937 को 71.4 और 5 अप्रैल 1938 को 115 था। वे चाय-कॉफी को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते थे।
धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में दलाई लामा ने उनके स्वास्थ्य को लेकर कहा, महात्मा गांधी असाधारण गुणों वाले व्यक्ति थे। समाज की समस्याओं को सुलझाने और स्वतंत्रता आंदोलन को सच्चाई एवं अहिंसा के रास्ते से चलाने की उनकी प्रेरणा उनके शारीरिक और भावनात्मक जीवन से प्रेरित है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वी.के. पॉल ने गांधी जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘की टू हेल्थ’ के हवाले से कहा कि जबकि यह सच है कि मनुष्य हवा और पानी के बिना नहीं रह सकता है, वह चीज जो शरीर का पोषण करती है वह भोजन है। कहावत है, भोजन जीवन है। पौष्टिक भोजन को लेकर गांधी के सिद्धांत अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रोफेसर बलराम भार्गव, सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और महानिदेशक, आईसीएमआर ने कहा, महात्मा गांधी ने हमारे देश में कई क्रांतियों को जन्म दिया था। आईसीएमआर ने देश के स्वास्थ्य सुधार के लिए अपने स्वास्थ्य अनुसंधान में गांधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाया है।