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Inflation: नए साल में उच्च महंगाई और EMI के मोर्चे पर मिल सकती है राहत, जनवरी में घटेगी खाद्य वस्तुओं की कीमत

Wed, 25 Dec 2024 06:37 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 25 Dec 2024 06:37 AM IST
सार

रेपो दर में कटौती के बाद बैंक भी कर्ज सस्ता कर सकते हैं। इससे लोगों की होम और कार लोन समेत विभिन्न कर्जों की मासिक किस्त घट जाएगी। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि खाद्य कीमतों में गिरावट आने से आरबीआई पर आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए नीतिगत दरों में ढील देने का दबाव बढ़ेगा।

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ICICI Bank report claims may be relief on the front of high inflation and monthly installment in the new year
, जनवरी में घटेगी खाद्य वस्तुओं की कीमत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नए साल में उच्च महंगाई के साथ कार-होम लोन और अन्य कर्जों की मासिक किस्त (ईएमआई) के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख वजह खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई दर में नरमी है। आईसीआईसीआई बैंक ने एक रिपोर्ट में कहा, जनवरी, 2025 के आंकड़ों में अगर खाद्य महंगाई में गिरावट आती है, तो नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) फरवरी में होने वाली बैठक में रेपो दरों में कटौती कर सकती है।
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रिपोर्ट में दावा
रेपो दर में कटौती के बाद बैंक भी कर्ज सस्ता कर सकते हैं। इससे लोगों की होम और कार लोन समेत विभिन्न कर्जों की मासिक किस्त घट जाएगी। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि खाद्य कीमतों में गिरावट आने से आरबीआई पर आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए नीतिगत दरों में ढील देने का दबाव बढ़ेगा। यह दबाव इसलिए भी बढ़ेगा, क्योंकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था के बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कम रही है। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य-उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी प्रमुख नीतिगत दर में कटौती की वकालत कर चुके हैं।
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खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 10 फीसदी से नीचे
आरबीआई के लिए राहत की बात यह है कि खाने-पीने की वस्तुओं और खासकर सब्जियों की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई अक्तूबर के 14 महीने के शीर्ष से घटकर नवंबर, 2024 में दो माह के निचले स्तर 5.48 फीसदी पर आ गई। खाद्य वस्तुओं की महंगाई भी नवंबर में घटकर 10 फीसदी से नीचे 9.04 फीसदी पर आ गई, जो अक्तूबर में 10.87 फीसदी रही थी।
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रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है कि खाद्य महंगाई के घटकर 9.04 फीसदी पर आने से खुदरा मुद्रास्फीति उम्मीद के अनुरूप नवंबर में 5.5 फीसदी पर आ गई। यह आरबीआई के लिए राहत की बात है।

एक माह में प्याज-टमाटर के घटे दाम
 
उत्पाद एक माह पूर्व (24 नवंबर) 24 दिसंबर
आलू 36.14 35.57
प्याज 54.65 46.66
टमाटर 49.23 43.48
अरहर दाल 159.9 157.7
चना दाल 94.7 93.68
सोया तेल 145.39 143.27


एमपीसी के दो सदस्य भी कटौती के पक्ष में
एमपीसी की पिछली बैठक में समिति के छह में से दो सदस्यों नागेश सिंह और राम सिंह ने रेपो दर में 0.25 फीसदी की कटौती के पक्ष में मतदान किया था। उच्च महंगाई का हवाला देकर आरबीआई ने लगातार 11वीं बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा है।


भारतीय मुद्रा पर बना रहेगा दबाव
आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट में रुपये में गिरावट का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि फेडरल ओपन मार्केट समिति के आक्रामक रुख से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई, जिससे भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा। बिगड़ते बाहरी आर्थिक परिदृश्य के कारण निकट भविष्य में भी रुपये पर दबाव बना रहेगा।
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