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मणिपुर में नगा संगठनों से बातचीत के लिए इबोबी तैयार
अमर उजाला ब्यूरो / इंफाल
Updated Wed, 22 Feb 2017 01:40 PM IST
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मणिपुर के मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने मंगलवार को कहा कि वे राज्य में बीते तीन महीनों से जारी आर्थिक नाकेबंदी खत्म करने के लिए नगा संगठन यूनाइटेड नगा कौंसिल (यूएनसी) से तितरफा बातचीत के लिए तैयार हैं। भाजपा पर यूएनसी के साथ गोपनीय तालमेल का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगले महीने होने वाले चुनावों में भाजपा का खेल फेल हो जाएगा।
ध्यान रहे कि राज्य में सात नए जिलों के गठन के फैसले के विरोध में बीते साल पहली नवंबर से ही यह राज्य आर्थिक नाकेबंदी झेल रहा है। दोनों नेशनल हाइवे पर नाकेबंदी की वजह से यहां जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
नए जिलों पर फैसला करने से पहले यूएनसी से सलाह-मशविरा क्यों नहीं किया गया। इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसका प्रयास किया था। लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। हमने उनको बातचीत के लिए बुलाया था।
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लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के इस आरोप का भी खंडन किया कि यह नाकेबंदी कांग्रेस सरकार की राजनीतिक साजिश का नतीजा है।
इबोबी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने सियासी फायदे के लिए चाहती थी कि नाकेबंदी जारी रहे ताकि इसे कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाया जा सके। यही वजह है कि उसने इसे खत्म करने की दिशा में कोई पहल नहीं की।
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ध्यान रहे कि राज्य में सात नए जिलों के गठन के फैसले के विरोध में बीते साल पहली नवंबर से ही यह राज्य आर्थिक नाकेबंदी झेल रहा है। दोनों नेशनल हाइवे पर नाकेबंदी की वजह से यहां जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
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नए जिलों पर फैसला करने से पहले यूएनसी से सलाह-मशविरा क्यों नहीं किया गया। इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसका प्रयास किया था। लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। हमने उनको बातचीत के लिए बुलाया था।
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लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के इस आरोप का भी खंडन किया कि यह नाकेबंदी कांग्रेस सरकार की राजनीतिक साजिश का नतीजा है।
इबोबी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने सियासी फायदे के लिए चाहती थी कि नाकेबंदी जारी रहे ताकि इसे कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाया जा सके। यही वजह है कि उसने इसे खत्म करने की दिशा में कोई पहल नहीं की।