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Maharashtra: भुजबल के बगावती तेवर, बोले- नवंबर में ही मंत्री पद से दे दिया इस्तीफा, OBC के लिए जारी रहेगी जंग
Sun, 04 Feb 2024 01:09 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदनगर
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sun, 04 Feb 2024 01:09 AM IST
सार
एक रैली को संबोधित करते हुए भुजबल ने दोहराया कि वह मराठों को आरक्षण मिलने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन मौजूदा ओबीसी कोटा साझा करने के खिलाफ हैं। वह राकांपा के अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट से संबंधित हैं।
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छगन भुजबल
- फोटो : Facebook@Chhagan Bhujbal
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विस्तार
महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने राज्य सरकार पर ओबीसी कोटा में मराठा समुदाय को पिछले दरवाजे से प्रवेश की सुविधा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने शनिवार को खुलासा किया कि वह पिछले नवंबर में राज्य मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा भी दे चुके हैं। बता दें भुजबल एनसीपी के अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हैं। साथ ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं।
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अहमदनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए भुजबल ने दोहराया कि वह मराठों को आरक्षण मिलने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन मौजूदा ओबीसी कोटा साझा करने के खिलाफ हैं।
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16 नवंबर को ही दे चुके हैं इस्तीफा
भुजबल ने आगे कहा, 'विपक्ष के कई नेता, यहां तक कि मेरी सरकार के नेता भी कहते हैं कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए। किसी ने कहा कि भुजबल को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं विपक्ष की सरकार और अपनी पार्टी के नेताओं को बताना चाहता हूं कि 17 नवंबर को अंबाद में आयोजित ओबीसी एल्गर रैली से पहले, मैंने 16 नवंबर को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और फिर उस कार्यक्रम में शामिल होने गया।'
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छगन भुजबल ने बताया कि वह दो महीने से ज्यादा वक्त तक चुप रहे क्योंकि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने उन्हें इस बारे में नहीं बोलने के लिए कहा था। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बर्खास्तगी की कोई जरूरत नहीं है। मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है। मैं अंत तक ओबीसी के लिए लड़ूंगा।'