एकनाथ खडसे बोले: मैंने फडणवीस को महाराष्ट्र BJP चीफ बनाने का किया था विरोध, गोपीनाथ मुंडे को भूले भाजपा नेता
फडणवीस अप्रैल 2013 से जनवरी 2015 तक महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रहे। महाराष्ट्र विधान परिषद में खडसे ने भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे को 'भूलने' के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा सरकार की आलोचना की।
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भाजपा के पूर्व नेता एकनाथ खडसे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने पार्टी नेता और मौजूदा उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र इकाई का अध्यक्ष (2013 में) बनाए जाने का विरोध किया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया था। खडसे भाजपा को छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हुए थे और एमएलसी बने थे। जब फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (2014-19 तक) थे, तो खडसे को एक भूमि सौदे पर कैबिनेट मंत्री के रूप में इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
फडणवीस अप्रैल 2013 से जनवरी 2015 तक महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रहे। महाराष्ट्र विधान परिषद में खडसे ने भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे को 'भूलने' के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, यह गोपीनाथ मुंडे ही थे जिन्होंने भाजपा को जनता तक ले जाने के लिए कड़ी मेहनत की और इस धारणा को बदला कि यह कुलीन वर्ग की पार्टी है। लेकिन अब लगता है कि उनकी मौत के बाद बीजेपी उन्हें भूल गई है।
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खडसे ने कहा, मैं देवेंद्र फडणवीस को (2014 से पहले) पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त करने के खिलाफ था,लेकिन मुंडे ने उनकी पदोन्नति पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि मेरे द्वारा नामिक सी भी नेता को महाराष्ट्र इकाई का प्रमुख बनाया जाएगा। लेकिन मुंडे के भारी योगदान के बावजूद, उन्हें और उनके परिवार को अब भुला दिया गया है।
उन्होंने आगे दावा किया, मुंडे परिवार (मुंडे की बेटियों में से एक महाराष्ट्र से लोकसभा सांसद है जबकि दूसरी बेटी पंकजा 2019 का विधानसभा चुनाव हार गईं) और मुझे कुछ समय के लिए पार्टी के भीतर अघोषित बहिष्कार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद खडसे मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह फडणवीस को चुना।
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