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RG Kar Case: 'मुझे फंसाया गया, कोई अपराध नहीं किया'; आरजी कर मामले में सजा के एलान से पहले बोला दोषी संजय रॉय
Mon, 20 Jan 2025 01:53 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 20 Jan 2025 01:53 PM IST
सार
मामले में सजा सुनाए जाने से पहले संजय रॉय ने कोर्ट से कहा, 'मैंने कुछ नहीं किया है और फिर भी मुझे दोषी ठहराया गया। जेल में मेरी पिटाई की गई और मुझे जबरन कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।'
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आरजी कर मामला
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी संजय रॉय ने खुद को निर्दोष करार दिया। संजय ने सोमवार को कोलकाता की एक अदालत में दावा किया कि वह निर्दोष है और उसे गलत तरीके से दोषी ठहराया गया है। इससे पहले शनिवार को संजय रॉय को पिछले साल अगस्त में प्रशिक्षु चिकित्सक के यौन उत्पीड़न और हत्या का दोषी ठहराया गया था।
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मामले में सजा सुनाए जाने से पहले संजय रॉय ने कोर्ट से कहा, 'मैंने कुछ नहीं किया है और फिर भी मुझे दोषी ठहराया गया। जेल में मेरी पिटाई की गई और मुझे जबरन कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।' संजय रॉय को शनिवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत सियालदह के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अनिरबन दास ने दोषी ठहराया था।
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सीबीआई के वकील की दलील
कार्यवाही के दौरान सीबीआई के वकील ने दोषी के लिए अधिकतम सजा की मांग की और अपराध को दुर्लभतम बताया। एजेंसी के वकील ने अदालत से कहा कि हम समाज में लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए अधिकतम दंड की मांग करते हैं।
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संजय रॉय के वकील की दलील
रॉय के बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष को ऐसे सबूत पेश करने चाहिए, जो साबित कर सकें कि दोषी के सुधार की कोई संभावना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने उसके सुधार के लिए मृत्युदंड के अलावा एक वैकल्पिक दंड की मांग की।
पीड़िता के माता-पिता के वकील का तर्क
मृतक डॉक्टर के माता-पिता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अधिकतम सजा की मांग की और तर्क दिया कि संजय रॉय एक नागरिक है। स्वयंसेवक को अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन उसने खुद ही उस पीड़ित के साथ जघन्य अपराध कर दिया, जिसकी रक्षा करने की जिम्मेदारी उस पर थी।
दोपहर करीब 1 बजे समाप्त हुई सुनवाई
दोषी की आत्मरक्षा और अन्य हितधारकों की सुनवाई दोपहर करीब 1 बजे समाप्त हुई और न्यायाधीश ने कहा कि सजा दोपहर 2:45 बजे सुनाई जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने सजा एलान करते हुए संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई।