{"_id":"63771e45b45ce91fd9544f28","slug":"hyderabad-police-busts-fake-arms-licence-racket-7-arrested-including-a-kashmiri-man","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hyderabad: हैदराबाद में हथियारों के फर्जी लाइसेंस गिरोह का पर्दाफाश, मास्टर माइंड कश्मीरी समेत सात गिरफ्तार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Hyderabad: हैदराबाद में हथियारों के फर्जी लाइसेंस गिरोह का पर्दाफाश, मास्टर माइंड कश्मीरी समेत सात गिरफ्तार
Fri, 18 Nov 2022 11:25 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Nov 2022 11:25 AM IST
सार
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड कश्मीर के राजौरी जिले का रहने वाला अल्ताफ हुसैन है। हैदराबाद पुलिस आयुक्त 'सिटी' सीवी आनंद ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार अल्ताफ हुसैन 2013 में नौकरी की तलाश में हैदराबाद आया था।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हैदराबाद पुलिस के टास्कफोर्स ने तेलंगाना में हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का मास्टर माइंड एक कश्मीरी युवक है।
विज्ञापन
गिरोह शस्त्र लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों के हस्ताक्षर की फर्जी सील का इस्तेमाल करता था। फर्जी लाइसेंस का इस्तेमाल कर हथियार खरीदे जाते थे। हैदराबाद पुलिस का कहना है ये गिरोह शहर की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, क्योंकि बड़ी संख्या में अवैध हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। इनका संदिग्ध तरीकों से विभिन्न अपराधों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
राजौरी का रहने वाला है मास्टर माइंड अल्ताफ हुसैन
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड कश्मीर के राजौरी जिले का रहने वाला अल्ताफ हुसैन है। हैदराबाद पुलिस आयुक्त (सिटी) सीवी आनंद ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार अल्ताफ हुसैन 2013 में नौकरी की तलाश में हैदराबाद आया था। यहां वह ग्रेस मैनेजमेंट सिक्योरिटी सर्विस नामक फर्म में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा था। बाद में उसे एसआईएस की कैश सर्विस में तैनात किया गया था। इस नौकरी से पहले उसने राजौरी में मजिस्ट्रेट कार्यालय में रिश्वत देकर हथियार का फर्जी लाइसेंस बनवा लिया था। इसके आधार पर उसने एक डबल बोर की बंदूक खरीद ली थी।
विज्ञापन
हैदराबाद में गिरोह बनाकर यह काम शुरू कर दिया
चूंकि वह राजौरी में फर्जी लाइसेंस बनाने के तरीके से वाकिफ हो गया था, इसलिए उसने हैदराबाद में गिरोह बनाकर यह काम शुरू कर दिया। उसने सिकंदराबाद के स्टांप वेंडर हफीजुद्दीन को साथ लिया और फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया। इसके लिए वह फर्जी सील व दस्तखत का इस्तेमाल करता था। बाद में उसने इस काम में कश्मीर के कुछ बेरोजगार युवकों को भी शामिल कर लिया, जो निजी सुरक्षा फर्मों में सुरक्षा गार्ड के रूप में नौकरी के इच्छुक थे।
इन युवकों के राजौरी से हथियारों के फर्जी अखिल भारतीय लाइसेंस बनवाए गए और इनके आधार पर 40 से 60 हजार रुपये में देश के दूसरे राज्यों से हथियार खरीदे गए। हैदराबाद पुलिस के अनुसार ग्रेस मैनेजमेंट सिक्योरिटी सर्विसेज के क्षेत्रीय प्रबंधक वेंकट कोंडा रेड्डी और वेस्ट मेरेडपल्ली में एक फोटोकॉपी दुकान के मालिक आई श्रीनिवास की भी मिलीभगत मामले में सामने आई है।
वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात कर दिया।
सिक्योरिटी एजेंसी के संचालन में गंभीर चूक सामने आई है। आरोपी बेरोजगार युवकों से 20 हजार रुपये लेकर उन्हें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में नियुक्ति देता था। इन्हें एशियन सिक्योरिटी सर्विसेज, नंदमुरी सिक्योरिटी एंड सर्विसेज, ग्रेस मैनेजमेंट सिक्योरिटी सर्विसेज में सुरक्षा गार्ड बतौर तैनात किया गया था, जबकि इनके पास अवैध हथियार थे। इन गार्डों की तैनाती वीवीआईपी, ज्वैलरी शोरूम, एटीएम कैश ले जाने वाली एजेंसियों और निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में भी की गई।
भारी मात्रा में हथियार, कारतूस व फर्जी लाइसेंस जब्त
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश व अवैध हथियार के मामले दर्ज किए गए हैं। गिरोह के पास से भारी संख्या में अवैध हथियार व गोलाबारूद भी जब्त किए गए हैं। इनमें 30 सिंगल बोर के हथियार, 3 डबल बोर के हथियार, 140 कारतूस, 34 फर्जी शस्त्र लाइसेंस, 29 कोरी लाइसेंस बुक बरामद की गई है।