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महाराष्ट्र में तबाही का मंजर: 24 घंटे के दौरान भूस्खलन और बाढ़ से 112 की मौत, 99 लापता

Sun, 25 Jul 2021 07:07 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 25 Jul 2021 07:07 AM IST
सार

महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण बाढ़ से 54 गांव पूरी तरह और 800 से गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं जिसमें पुणे के 420 गांव, कोल्हापुर के 243 गांव, सांगली के 92 और सतारा जिले के 120 गांव शामिल हैं।
 

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Hundreds of dead many missing due to heavy rains, landslides and floods in Maharashtra
बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में भारी बारिश आफत बनकर टूट रही है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से 112 लोगों की मौत हो गई  है जबकि 99 लोग लापता हैं।

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कोंकण के रायगढ़ में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। जिले में तीन स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। अकेले महाड के तलिये गांव में हुए भूस्खलन से अब तक 52 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं और 53 लोग लापता हैं। यहां 33 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
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राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार, रायगढ़, रत्नागिरी, सांगली, सतारा, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग और पुणे में अब तक 112 शव मलबे से निकाले गए जबकि 53 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तलिये गांव के अलावा रायगढ़ जिले के पोलादपुर तालुका में सुतारवाड़ी में भूस्खलन से 5 की मौत और एक लापता है जबकि 15 लोग घायल हैं।
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वहीं, केवलाले गांव में भी 5 लोगों की मौत हुई है और 6 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वशिष्ठी नदी पर पुल बह जाने के कारण चिपलून की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। मुंबई-गोवा महामार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई हैं।

1,35,313 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे मंडल में भारी बारिश हो रही है और नदियां उफान पर हैं। अब तक 1,35,313 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें 40,882 लोग कोल्हापुर जिले से हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोल्हापुर शहर के पास पंचगंगा नदी 2019 में आई बाढ़ के स्तर से भी ऊपर बह रही है। पुणे और कोल्हापुर के साथ ही मंडल में सांगली और सतारा जिले भी आते हैं। सांगली में 78000, सतारा में 5656, ठाणे में 6,930 और रायगढ़ जिले में 1000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है।

सतारा में 3024 पालतू पशुओं की मौत
बारिश के दौरान भूस्खलन और बाढ़ से 3,221 पालतू पशुओं की भी मौत हुई है। सबसे ज्यादा 3024 पशुओं की मौत सतारा जिले में हुई है जबकि रत्नागिरी में 115, रायगढ़ में 33, कोल्हापुर में 27, सांगली में 13, पुणे में 6 और ठाणे में 3 पशुओं की जान गई हैं। सतारा के कई इलाके भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए है।

सेना, नौसेना की भी ली जा रही मदद
राज्य में बारिश से आई आपदा में राहत बचाव के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 34 टीमें लगाई गई हैं जिसमें से 8 टीमें मुंबई, पुणे और नागपुर में रिजर्व रखी गई हैं।

इसके अलावा नौसेना की 7, एसडीआरएफ की 8, कोस्ट गार्ड की तीन और सेना की 6 टीमों समेत वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की भी सेवा ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 59 बोट से लोगों को राहत पहुंचाया जा रहा है जिसमें एनडीआरएफ की 48 और एसडीआरएफ की 11 बोट शामिल है। 

सीएम ठाकरे ने तलिये गांव के पुनर्वास का दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को रायगढ़ के तलिये गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की ओर से हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गांव के बचे लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। आपने एक बड़ी त्रासदी का सामना किया है, इसलिए अभी आपको बस अपना ख्याल रखने की जरूरत है। बाकी सरकार पर छोड़ दो।

आगे कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी का पुनर्वास हो और नुकसान की भरपाई की जाए। वहीं, राज्य के आवास मंत्री जितेन्द्र आव्हाड ने कहा कि आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) रायगढ़ जिले के तलिये गांव का पुनर्निर्माण करेगा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी  है।


कोंकण के लिए बने अलग आपदा प्रबंधन केंद्र : फडणवीस
वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कोंकण में बार-बार हो रही प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कोंकण में अलग आपदा प्रबंधन केंद्र बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोंकण की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है। विशेषत: बारिश के मौसम में अलग आपदा प्रबंधन केंद्र के साथ ही पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है।

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