Human Sacrifice: 'नरबलि खोखले मूल्यों की वापसी का नतीजा', केरल की मंत्री का संघ परिवार की ओर इशारा
केरल के सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बिंदु ने दावा किया कि जब इस तरह की घटनाएं पूरे भारत में हो रही हैं, तो इस दक्षिणी राज्य में यह तेजी से सामने आई, क्योंकि यहां कि जनता अधिक सतर्क व सावधान है।
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केरल में पिछले दिनों सामने आए दो महिलाओं की बलि के हैरान करने वाले मामले को लेकर राज्य की मंत्री डॉ. आर. बिंदु ने अनोखी दलीलें दी हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना वैश्वीकरण और कुछ प्रतिक्रियावादी ताकतों द्वारा खोखले और अप्रचलित मूल्यों की बहाली के प्रयासों से पैदा हुई निराशा का नतीजा है। प्रतिक्रियावादी ताकतों के नाम पर उन्होंने संघ परिवार की ओर इशारा किया।
केरल की सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बिंदु ने दावा किया कि जब इस तरह की घटनाएं पूरे भारत में हो रही हैं, तो इस दक्षिणी राज्य में यह तेजी से सामने आई, क्योंकि यहां कि जनता अधिक सतर्क व सावधान है। मंत्री बिंदु ने यह भी कहा कि नरबलि की घटना केवल केरल में प्रचलित है, ऐसा नहीं मानना चाहिए। चूंकि, केरल का समाज अधिक सतर्क है, इसलिए ऐसे मामले यहां तेजी से सामने आ रहे हैं। देश के अन्य राज्यों में भी अंधविश्वासी प्रथाएं चलन में हैं। वहां हो रही ऐसी घटनाओं के बारे में किसी को पता भी नहीं चलता।
पूरे भारत में बढ़ रही क्रूरता, वैश्वीकरण से बढ़ी निराशा
मंत्री बिंदु ने कहा कि भारत में अंधविश्वास और रीति-रिवाज बहुत गहरे हैं। ये और बढ़ रहे हैं, क्योंकि कुछ लोग प्राचीन रीति-रिवाजों और प्रथाओं को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए नरबलि या अंधविश्वास के मामले सिर्फ केरल तक ही सीमित नहीं हैं। पूरे भारत में हम हिंसा और क्रूरता की प्रवृत्ति में वृद्धि देख रहे हैं। इनमें से कुछ केरल में भी देख रहे हैं। नरबलि जैसी घटना का एक कारण वैश्वीकरण से पैदा हुई निराशा है।
केरल की मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्वीकरण लोगों के लिए संकट पैदा कर रहा है, क्योंकि लोग जल्दी पैसा कमाने की कोशिश करते हैं। ऐसे माहौल में कुछ लोग आसानी से गुमराह हो जाते हैं। वे मान लेते हैं कि नरबलि या मानव बलि से वे धनवान बन सकते हैं। इसी चक्कर में वे अंधविश्वास व झांसों व अपराधों में फंस जाते हैं।
डॉ. बिंदु ने कहा कि आरोपी दंपती- भगवल सिंह (68) और उनकी पत्नी लैला (59) भी इसी के शिकार हुए। उन्होंने आर्थिक संपन्नता हासिल करने के लिए इस अपराध को अंजाम दिया। वे मुख्य आरोपी मोहम्मद शफी (52) के झांसे में आ गए, जो कि मूल रूप से अपराधी है।
आरएसएस व संघ परिवार को बताया प्रतिक्रियावादी
केरल की मंत्री डॉ. बिंदु ने कहा कि ऐसी घटनाओं की वजह कुछ प्रतिक्रियावादी ताकतों के खोखले या अप्रचलित मूल्यों की बहाली का प्रयास भी है। यह पूछने पर कि क्या उनका इशारा आरएसएस या संघ परिवार की ओर है? डॉ. बिंदु ने प्रतिप्रश्न किया- ऐसी मूल्य प्रणालियों के पीछे कौन था। कौन प्रतिक्रियावादी ताकतों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है? ये कौन हैं? रूढ़िवादी, प्रतिक्रियावादी, पुरानी चीजों को किसके द्वारा पुनर्जीवित किया जा रहा है? यह पूछने पर कि क्या वह संघ परिवार या आरएसएस का जिक्र कर रही हैं?
बिंदु ने कहा- हां। ये जो कर रहे हैं, उसकी लहरें केरल समेत हर जगह दिख रही है। केरल पुनर्जागरण और जन आंदोलनों और उच्च साक्षरता दर वाला प्रगतिशील राज्य है, इसके बावजूद यहां ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इनके खिलाफ हम अन्य राज्यों के विपरीत लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं।