{"_id":"58ef0b814f1c1b9c36cf82c6","slug":"how-much-possible-to-save-kulbhushan-jadhav-for-india","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भारत के लिए कुलभूषण जाधव को बचाना कितना संभव?","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारत के लिए कुलभूषण जाधव को बचाना कितना संभव?
बीबीसी हिंदी. कॉम
Updated Thu, 13 Apr 2017 02:21 PM IST
विज्ञापन
कुलभूषण जाधव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी के मामले में फांसी की सजा मिलने के बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है। जाधव को पाकिस्तान ने पिछले साल गिरफ्तार किया था। भारत में अब यह सवाल गूंज रहा है कि क्या कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है? इस मामले में भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ) के पूर्व संयुक्त निदेशक वीके सिंह से बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन ने बात की। पढ़िए उन्हीं के शब्दों में-
वीके सिंह की राय
कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है और हिंदुस्तान को इसका पूरा हक है। वे भारतीय नागरिक हैं और हिंदुस्तान के अधिकारियों को उनसे मिलने देना चाहिए। पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के जो लोग हैं उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है? यह पूरी तरह से हैरान करने वाला है। पाकिस्तान अपनी कार्रवाई करता रहे, लेकिन कोई दूसरे देश का नागरिक है तो उसे बातचीत से कैसे रोका जा सकता है?
मुझे उम्मीद है कि हम इसका कानूनी बचाव भी तैयार कर लेंगे। कुलभूषण को जिस तरीके से भी बचाया जा सकता है वो किया जाएगा। इस मामले में जो सामान्य प्रोटोकॉल है उसका पालन पाकिस्तान को करना चाहिए। वो जिनेवा कन्वेंशन का भी पालन नहीं कर रहे हैं। मैं तो पहली बार सुन रहा है हूं कि ऐसा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीके सिंह की राय
कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है और हिंदुस्तान को इसका पूरा हक है। वे भारतीय नागरिक हैं और हिंदुस्तान के अधिकारियों को उनसे मिलने देना चाहिए। पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के जो लोग हैं उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है? यह पूरी तरह से हैरान करने वाला है। पाकिस्तान अपनी कार्रवाई करता रहे, लेकिन कोई दूसरे देश का नागरिक है तो उसे बातचीत से कैसे रोका जा सकता है?
विज्ञापन
मुझे उम्मीद है कि हम इसका कानूनी बचाव भी तैयार कर लेंगे। कुलभूषण को जिस तरीके से भी बचाया जा सकता है वो किया जाएगा। इस मामले में जो सामान्य प्रोटोकॉल है उसका पालन पाकिस्तान को करना चाहिए। वो जिनेवा कन्वेंशन का भी पालन नहीं कर रहे हैं। मैं तो पहली बार सुन रहा है हूं कि ऐसा किया जा रहा है।
विज्ञापन
क्या कुलभूषण रॉ के लिए काम करते थे?
मैं कुलभूषण को रॉ का एजेंट नहीं मानता। अगर पाकिस्तान के पास कोई सबूत है भी कि वो भारत के लिए जासूसी कर रहे थे तो मुकदमा नियम से चलना चाहिए। हिंदुस्तान को उस शख़्स से मिलने की इजाजत होनी चाहिए। कोर्ट में जो न्यायिक प्रक्रिया चली उसका तो कुछ पता ही नहीं चला। कुलभूषण का किसी कोर्ट में ट्रायल हुआ, कोई वकील भी दिया गया था या नहीं, ये सब बातें तो पता चलनी चाहिए।
ट्रायल हुआ भी था कि नहीं सब कुछ इतना संदिग्ध है। वो कह रहे हैं ट्रायल हुआ है, लेकिन बिना सबूत के कोई कैसे यकीन कर ले? किसी पर जासूस होने का आरोप लगाने की भी एक प्रक्रिया होती है। दूतावास के लोगों को वह देश अवांछित व्यक्ति घोषित करता है और फिर वापस बुलाने के लिए कहता है। दोनों देश ऐसा कई बार कर चुके हैं। जब हम कहते हैं कि आपके दो लोगों को जासूसी में पकड़ा है तो वो भी जवाब में ऐसा कर देते हैं। ये जैसे को तैसे वाली प्रक्रिया चलती रहती है।
ट्रायल हुआ भी था कि नहीं सब कुछ इतना संदिग्ध है। वो कह रहे हैं ट्रायल हुआ है, लेकिन बिना सबूत के कोई कैसे यकीन कर ले? किसी पर जासूस होने का आरोप लगाने की भी एक प्रक्रिया होती है। दूतावास के लोगों को वह देश अवांछित व्यक्ति घोषित करता है और फिर वापस बुलाने के लिए कहता है। दोनों देश ऐसा कई बार कर चुके हैं। जब हम कहते हैं कि आपके दो लोगों को जासूसी में पकड़ा है तो वो भी जवाब में ऐसा कर देते हैं। ये जैसे को तैसे वाली प्रक्रिया चलती रहती है।