लोकसभा में कितना उचित-अनुचित है राहुल का गले मिलना? जानिए क्या होते हैं संसद के नियम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा में बीते शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य के तुरंत बाद अचानक पीएम मोदी के करीब चले गये और उन्होंने पीएम मोदी से हाथ तो मिलाया ही साथ ही उनसे गले भी मिल बैठे। संसद के किस तरह का आचरण उन्हे करना है और क्या संसदीय और क्या असंसदीय होता है उस फर्क को समझने की जरूरत है। राहुल गांधी के पीएम को गले लगाने पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई है और सदन की मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। ऐसे में आप भी जानिए आखिर संसद के नियम क्या कहते हैं और राहुल गांधी के मोदी को गले लगाना कितना उचित या अनुचित है।
दरअसल लोकसभा में सांसदों को लेकर कई नियम बनाए गए हैं, जिसके अनुसार ही सांसदों को काम करना पड़ता है। वैसे तो संसद में कुछ प्रस्ताव रखने, भाषण देने, बिल पेश करने आदि को लेकर कई नियम हैं, लेकिन सदन में सांसदों के बर्ताव के लिए कुछ जनरल नियम भी हैं, जिसके अनुसार सांसदों को व्यवहार करना पड़ता है। इन नियमों का लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जिक्र है। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में...
- सांसद सदन में कोई किताब, अखबार या पत्र (जो कार्यवाही से संबंधित ना हो) नहीं पढ़ सकते हैं।
- कोई भी सदस्य भाषण दे रहे अन्य किसी भी सदस्य को परेशान नहीं कर सकते और ना हो कोई गलत एक्सप्रेशन कर सकते हैं. कोई भी सांसद स्पीकर और अपनी बात रख रहे अन्य सांसद के सामने से नहीं गुजर सकता।
- सांसद उस वक्त सदन से बाहर नहीं जा सकते, जब स्पीकर सदन को संबोधित कर रहा हो।
- सांसद को सदन को संबोधित करते वक्त अपनी सीट पर ही खड़े रहना होगा. साथ ही उस वक्त सदन में शांति बनाए रखनी होगी, जब सदन में कोई भी नहीं बोल रहा हो।
- सांसद उस वक्त प्रशंसा नहीं करेगा, जब सांसद के अलावा कोई शख्स गैलरी में से सदन में प्रवेश कर लेता है।
- सांसद अध्यक्ष के सामने बैठ नहीं सकता है और न ही अध्यक्ष को पीठ दिखाकर खड़ा हो सकता है. सदन में कोई भी कैसेट या टैप-रिकॉर्डर नहीं बजा सकते।
- सांसद सदन में नारेबाजी भी नहीं कर सकता है. साथ ही सांसद की ओर से अध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर अप्रोच नहीं करना चाहिए।
- राष्ट्रीय ध्वज के अलावा किसी भी तरह का कोई भी बैच नहीं लगा सकते।
- सांसद सदन में न ही कोई झंडे ला सकते हैं और न ही हथियार ला सकता है। सांसदों को सदन की लॉबी में जोर से हंसने और बात करने से बचना चाहिए।
- सांसद सदन में कोई भी साहित्य, प्रश्नोत्तर, पंपलेट, प्रेस नोट आदि नहीं बांट सकते।
- सासंद किसी के विरोध में चलते दस्तावेज नहीं फाड़ सकते।
वहीं सदन में अध्यक्ष का फैसला सर्वोच्च होता है। अगर राहुल गांधी के पीएम मोदी से गले मिलने की बात करें तो सदन में गले मिलने को लेकर कोई नियम नहीं है, वहीं स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी की इस हरकत को गलत बर्ताव बताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सभी संसद सदस्यों को अपने पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। राहुल गांधी मेरे दुश्मन नहीं हैं, वे मेरे बेटे जैसे हैं। राहुल ने क्या किया मुझे भी समझ में नहीं आया।