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Vibrant Gujarat: वाइब्रेंट गुजरात से राज्य ने कितना किया विकास, दूसरे राज्यों ने कितनी हासिल की सफलता

Wed, 27 Sep 2023 08:20 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Wed, 27 Sep 2023 08:20 PM IST
सार

केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिसटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन के आंकड़ों के अनुसार 2020-21 में गुजरात में लोगों की प्रति व्यक्ति आय 212821 रुपये थी जो 2021-22 में 2,50,000 रुपये हो गई। हरियाणा में 202021 में प्रति व्यक्ति आय 229065 रुपये थी जो 2021-22 में 264835 रुपये हो गई। 2022-23 में हरियाणा में लोगों की प्रति व्यक्ति आय 296685 होने का अनुमान है।    

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How much development has state achieved through Vibrant Gujarat, how much success have other states achieved
पीएम मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट में निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि कई विपरीत परिस्थितियों के बाद भी राज्य ने अच्छी विकास दर हासिल की है। यह देश का ग्रोथ इंजन बनने में सफल रहा है। वाइब्रेंट गुजरात की पहल के कारण राज्य में बाहर के निवेशकों ने निवेश किया है और अब दूसरे राज्य भी इस मॉडल को अपनाकर आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के दावों के बीच यह जानना आवश्यक है कि विभिन्न राज्यों ने इस दौरान कितनी विकास दर हासिल की है। 
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आर्थिक विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि समय के साथ हर देश-राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही लोगों की आय भी बढ़ रही है और आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है। लेकिन जीडीपी अपने आप में पूरी तस्वीर पेश नहीं करती। क्योंकि भारत जैसे किसी विशाल देश की बड़ी आबादी के कारण सकल घरेलू उत्पाद बड़ा दिखता है, लेकिन हर व्यक्ति तक मिलने वाले लाभ में यह काफी कम रह जाता है। 
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ऐसे में प्रति व्यक्ति आय यह मापने का सबसे बेहतर पैमाना होता है कि किसी राज्य या देश की प्रति व्यक्ति आय में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इस दृष्टि से देखें तो गुजरात इस समय सबसे बेहतर प्रति व्यक्ति आय हासिल करने वाले राज्यों में शामिल है। असम जैसे भाजपा शासित राज्यों ने कम प्रगति की है तो दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों में लोगों की प्रति व्यक्ति भाजपा शासित राज्यों से भी ज्यादा है।    
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प्रति व्यक्ति आय में कौन आगे
केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिसटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन के आंकड़ों के अनुसार 2020-21 में गुजरात में लोगों की प्रति व्यक्ति आय 212821 रुपये थी जो 2021-22 में 2,50,000 रुपये हो गई। हरियाणा में 202021 में प्रति व्यक्ति आय 229065 रुपये थी जो 2021-22 में 264835 रुपये हो गई। 2022-23 में हरियाणा में लोगों की प्रति व्यक्ति आय 296685 होने का अनुमान है। भाजपा शासित एक अन्य राज्य असम में लोगों की प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 90482 रुपये थी जो 2021-22 में 102965 और 2022-23 में 118504 रुपये होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 103654 रुपये थी जो 2021-22 में 121594 और 2022-23 में 140583 रुपये हो सकती है। 

दूसरे राज्यों में ये रहे आगे 
गैर भाजपा शासित राज्यों में आंध्र प्रदेश 2022-23 तक 219518 रूपये की प्रति व्यक्ति आय हासिल कर सकता है। तेलंगाना 308732 रुपये, कर्नाटक 301673 रुपये, राजस्थान 156149 रुपये और पश्चिम बंगाल 141373 रूपये की 2022-23 में प्रति व्यक्ति आय हासिल कर सकता है। यानी ये राज्य भी बेहतर प्रगति कर रहे हैं। कई गैर भाजपा शासित राज्य गुजरात से भी बेहतर प्रति व्यक्ति आय हासिल कर सकते हैं। दिल्ली में 2020-21 में ही लोगों की आय 331102 रुपये थी जो 2021-22 में 389529 रुपये हो चुकी है। इसी प्रकार कई अन्य राज्यों ने भी बेहतर प्रगति की है।

इन्वेस्टर समिट कितने कारगर 
आज कल हर राज्य के द्वारा अपने यहां इन्वेस्टर समिट करने का चलन बढ़ गया है। इसमें हुए समझौते के आधार पर सरकारें दावा करती हैं कि उनके यहां भारी निवेश हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में हुए निवेशक सम्मेलन के बाद अपने विज्ञापनों में दावा किया है कि प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है। राज्य ने न केवल निवेश के मामले में तेज बढ़त हासिल की है, बल्कि रोजगार सृजन में बढ़ोतरी कर और बेरोजगारी में कमी कर लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार किया है।
 
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी में विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में 2021-22 में 20 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है जो राज्य के लगातार विकास की राह में आगे बढ़ने का संकेत है।  
यूपी सरकार ने दावा किया है कि 2022 में 31 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों ने राज्य का भ्रमण किया है। कुल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह आंकड़ा 18.4 प्रतिशत है और इसके सहारे उसने तेज विकास की गति हासिल किया है। यह सब राज्य सरकार के अपने धार्मिक केंद्रों अयोध्या, मथुरा, काशी और अन्य स्थलों के विकास के कारण संभव हो सका है। सबसे ज्यादा पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया जिससे यहां की अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिली है।  राज्य ने 75 जिलों में पर्यटन केंद्र स्थापित किए हैं, 389 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक पर्यटन केंद्र विकसित किए गए हैं। 

राज्य सरकार का दावा है कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 1.51 लाख करोड़ का निवेश हासिल हुआ है और इससे 3.70 लाख लोगों को रोजगार हासिल करने में मदद मिली है। इससे पता चलता है कि मोदी-योगी की जोड़ी ने गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश का विकास करना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है।         


क्या है सच
डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार हालांकि, इन्वेस्टर समिट में हुए समझौतों के बाद कई बार तकनीकी बाधाओं के कारण उन्हें पूरा नहीं किया जाता। इसमें छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी शामिल होती हैं। समझौतों के विषय में पूरी जानकारी करने के बाद ही यह बता पाना संभव होता है कि उक्त निवेश राज्य को मिल पाया या नहीं। 
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