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Tamil Nadu: 'और कितने मूर्ख हो सकते हैं स्टालिन', बजट से '₹' का प्रतीक हटाने को लेकर सरकार पर अन्नामलाई का तंज

Thu, 13 Mar 2025 03:09 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Thu, 13 Mar 2025 03:09 PM IST
सार

अन्नामलाई ने एक्स पर लिखा कि डीएमके सरकार का 2025-26 का राज्य बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किए गए रुपये के प्रतीक चिन्ह की जगह लेगा। जिसे पूरे भारत ने अपनाया और हमारी मुद्रा में शामिल किया। तमिल प्रतीक चिह्न को डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे उदय कुमार ने डिजाइन किया है। उन्होंने लोगो साझा करते हुए लिखा कि स्टालिन और कितने मूर्ख हो सकते हैं? 

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'How many more fools can Stalin be', Annamalai taunts the government for removing '₹' symbol from the budget
के अन्नामलाई और एमके स्टालिन - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु के बजट से रुपये का प्रतीक हटाने को लेकर राजनीति शुरू हो गई। भाजपा ने डीएमके सरकार के फैसले को मूर्खतापूर्ण बताया है। सरकार के कदम पर तमिलनाडु भाजपा के प्रमुख अन्नामलाई ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि स्टालिन और कितने मूर्ख हो सकते हैं? 

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अन्नामलाई ने एक्स पर लिखा कि डीएमके सरकार का 2025-26 का राज्य बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किए गए रुपये के प्रतीक चिन्ह की जगह लेगा। जिसे पूरे भारत ने अपनाया और हमारी मुद्रा में शामिल किया। तमिल प्रतीक चिह्न को डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे उदय कुमार ने डिजाइन किया है। उन्होंने लोगो साझा करते हुए लिखा कि स्टालिन और कितने मूर्ख हो सकते हैं? 


स्टालिन करें राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान: सुंदरराजन
भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि स्टालिन ने इतने सालों तक तमिलनाडु पर शासन किया है और कई बार बजट पेश किया है। वे इसे इस तरह से नाटकीय क्यों बनाना चाहते हैं? वे इतने सालों तक केंद्र में थे, उन्होंने उस समय यह निर्णय क्यों नहीं लिया? भारतीय मुद्रा प्रतीक ₹ एक संघीय व्यवस्था है और उन्हें राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि हम तमिल प्रतीकों या तमिल भाषा के खिलाफ हैं। हम इसके पक्ष में हैं। मेरा एक तमिल नाम भी है और एमके स्टालिन का नहीं है। वे यह सब तमिलनाडु सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं। आप नाटक कर रहे हैं जैसे कि आप तमिल का विकास कर रहे हैं। आपको पहले तमिलनाडु का विकास करना होगा।

यह भी पढ़ें: Language Row: केंद्र और तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराया, CM स्टालिन ने राज्य बजट से रुपये का प्रतीक चिह्न हटाया

तमिलनाडु सरकार और केंद्र में चल रहा विवाद
केंद्र सरकार और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में प्रस्तावित त्रिभाषा फॉर्मूला राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। तमिलनाडु सरकार ने एनईपी व त्रिभाषा फॉर्मूले को लागू करने से मना कर दिया है। इसके चलते केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत मिलने वाली 573 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता रोक दी है। एसएसए फंडिंग पाने के लिए राज्यों को एनईपी के दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है।  फंड रोके जाने से सीएम स्टालिन बिफरे हुए हैं। उन्होंने दक्षिणी राज्यों में हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। केंद्र के अनुसार शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में है व त्रिभाषा फॉर्मूले को लागू करना राज्यों की जिम्मेदारी है।


यह भी पढ़ें: Tamil Nadu: 'एनईपी एक भगवा नीति, बर्बाद कर देगी तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली', सीएम स्टालिन का आरोप

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