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आंध्र प्रदेश: उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बताई अपने नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी, राज खोला
Wed, 10 Jun 2026 06:38 PM IST
निर्मल कांत
एएनआई, अमरावती।
एएनआई, अमरावती।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:38 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपने नाम से जुड़ी एक कम चर्चित लेकिन दिलचस्प कहानी साझा की है, जो उनके शुरुआती जीवन और पहचान से जुड़ी रही है। उनके नाम में बदलाव और ‘पवन’ जुड़ने की कहानी एक खास घटना से जुड़ी है। पढ़िए रिपोर्ट-
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पवन कल्याण, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और मशहूर तेलुगु अभिनेता पवन कल्याण ने अपने नाम के पीछे की एक दिलचस्प कहानी बताई है। उन्होंने कहा कि आज जिस नाम से उन्हें लाखों लोग जानते हैं, वह नाम उनके जीवन के शुरुआती दिनों से जुड़ा है, जब वे न तो फिल्म स्टार थे और न ही राजनेता।
नाम से हटाया गया श्री
उन्होंने बताया कि उनका असली नाम तिरुमला देवस्थानम में नामकरण संस्कार के समय रखा गया था। उस समय उनका नाम श्री कल्याण कुमार रखा गया था। बाद में स्कूल के रिकॉर्ड में 'श्री' शब्द हटा दिया गया और उनका नाम के. कल्याण कुमार दर्ज हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि कल्याण कुमार उनका पारिवारिक नाम है, इसलिए दस्तावेजों में यही नाम लिखा गया।
पवन कल्याण ने आगे बताया कि 'पवन' नाम उनके नाम में बाद में जोड़ा गया। यह नाम उनके मार्शल आर्ट्स के शिक्षक ने जोड़ा था। उस समय वह बहुत कठिन शारीरिक प्रशिक्षण करते थे और ताकत का प्रदर्शन करते थे। वह अपने सीने पर लगभग 450 किलो वजन उठाते थे और अपने सीने पर पत्थर की स्लैब भी तोड़ते थे।
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शिक्षक ने बताया 'पवन पुत्र हनुमान'
उनके शिक्षक ने उनकी ताकत देखकर उनकी तुलना भगवान हनुमान से की और कहा कि वह पवन पुत्र हनुमान जैसे हैं। इसी वजह से उनके नाम के आगे पवन जोड़ दिया गया। आज पवन कल्याण तेलुगु सिनेमा और राजनीति दोनों में बहुत बड़ा नाम हैं और उनके प्रशंसक उन्हें 'पावर स्टार' कहते हैं। वर्तमान में पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के 11वें उपमुख्यमंत्री हैं और दक्षिण भारत की राजनीति में एक बहुत प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते हैं।
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नाम से हटाया गया श्री
उन्होंने बताया कि उनका असली नाम तिरुमला देवस्थानम में नामकरण संस्कार के समय रखा गया था। उस समय उनका नाम श्री कल्याण कुमार रखा गया था। बाद में स्कूल के रिकॉर्ड में 'श्री' शब्द हटा दिया गया और उनका नाम के. कल्याण कुमार दर्ज हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि कल्याण कुमार उनका पारिवारिक नाम है, इसलिए दस्तावेजों में यही नाम लिखा गया।
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पवन कल्याण ने आगे बताया कि 'पवन' नाम उनके नाम में बाद में जोड़ा गया। यह नाम उनके मार्शल आर्ट्स के शिक्षक ने जोड़ा था। उस समय वह बहुत कठिन शारीरिक प्रशिक्षण करते थे और ताकत का प्रदर्शन करते थे। वह अपने सीने पर लगभग 450 किलो वजन उठाते थे और अपने सीने पर पत्थर की स्लैब भी तोड़ते थे।
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शिक्षक ने बताया 'पवन पुत्र हनुमान'
उनके शिक्षक ने उनकी ताकत देखकर उनकी तुलना भगवान हनुमान से की और कहा कि वह पवन पुत्र हनुमान जैसे हैं। इसी वजह से उनके नाम के आगे पवन जोड़ दिया गया। आज पवन कल्याण तेलुगु सिनेमा और राजनीति दोनों में बहुत बड़ा नाम हैं और उनके प्रशंसक उन्हें 'पावर स्टार' कहते हैं। वर्तमान में पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के 11वें उपमुख्यमंत्री हैं और दक्षिण भारत की राजनीति में एक बहुत प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते हैं।