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Israel Hamas War: मोसाद की नजरों से कैसे चूका 'हमास का इस्राइल', यह हमला खुफिया नाकामी या लापरवाही का नतीजा?

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 10 Oct 2023 07:28 PM IST
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सार
हमास का हमला, कुछ दिनों की तैयारी का परिणाम नहीं है। इस्राइल में एक साथ पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागे जाते हैं। आयरन डोम फार्मूला ज्यादा कुछ नहीं कर सका। इस्राइल की मजबूत बाड़ तोड़ दी जाती है। हमास की एयरबॉर्न यूनिट, मोटर पैराग्लाइडर के जरिए सीमा पार कर इस्राइल में पहुंच जाते हैं। विस्फोटक पदार्थ लेकर ड्रोन की बड़ी खेप इस्राइल के शहरों को निशाना बनाती है। इतना कुछ हो गया, लेकिन मोसाद को खबर ही नहीं मिलती। 
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How did Hamas Israel miss Mossad attention was this attack result of intelligence failure or negligence
Israel Hamas War - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

इस्राइल में हुआ हमास का हमला, कई नए सवालों को जन्म दे रहा है। दुनिया की टॉप खुफिया एजेंसी कही जाने वाली 'मोसाद' से आखिर चूक कहां पर हो गई। इस्राइल के करीब ही हमास एक 'काल्पनिक' इस्राइल खड़ा कर उसे तबाह करने का अभ्यास करता रहा, मगर मोसाद को खबर तक नहीं लग सकी। मोसाद की नजरों से कैसे चूक गया 'हमास का इस्राइल'। सुरक्षा विशेषज्ञ ऐसी संभावना जताते हैं कि मोसाद का ये इंटेलिजेंस फेल्योर, कहीं इंटेलिजेंस इग्नोरेंस तो नहीं था। इस्राइली मिलिट्री इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख, मेजर जनरल अमोस याडलिन (सेवानिवृत्त) ने भी कहा है कि आप लीडरशिप पर सवाल उठाए जाने को नहीं रोक सकते। वह जिम्मेदारी तो प्रधानमंत्री की ही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा की उपेक्षा की। रक्षा मंत्री और विश्लेषकों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।

काल्पनिक इस्राइल का मोसाद को पता ही नहीं चला

हमास का हमला, कुछ दिनों की तैयारी का परिणाम नहीं है। इस्राइल में एक साथ पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागे जाते हैं। आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम फॉर्मूला ज्यादा कुछ नहीं कर सका। इस्राइल की मजबूत बाड़ तोड़ दी जाती है। हमास की एयरबॉर्न यूनिट, मोटर पैराग्लाइडर के जरिए सीमा पार कर इस्राइल में पहुंच जाते हैं। विस्फोटक पदार्थ लेकर ड्रोन की बड़ी खेप इस्राइल के शहरों को निशाना बनाती है। इतना कुछ हो गया, लेकिन मोसाद को खबर ही नहीं मिलती। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस्राइल के समीप गाजा पट्टी के इलाके में एक काल्पनिक इस्राइल खड़ा कर दिया जाता है। डेढ़ दो साल से हमास के लड़ाके वहां हमले की प्रेक्टिस करते हैं। ये नियमित अभ्यास भी मोसाद की नजरों से ओझल रहा। विदेशी मामलों के जानकार कमर आगा ने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा, दो साल से हमास की तैयारी चल रही थी। किसी को पता ही नहीं चल सका। ये बात भी गौर करने लायक है कि इस्राइल में राजनीतिक परिस्थितियां प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में नहीं दिखाई पड़ रही थीं। उन्हें घरेलू राजनीति में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

सिक्योरिटी सिस्टम, मानो निष्क्रिय हो गया था

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस्राइल का सिक्योरिटी सिस्टम यानी आयरन डोम, जिसकी चर्चा दुनियाभर में होती है, वह पूरी तरह से काम नहीं कर सका। हमास के रॉकेट आते रहे, लेकिन डोम का सुरक्षा कवच उन्हें रोकने में सफल नहीं हो सका। हालांकि कुछ रॉकेट सीमा पर ही गिराए गए, लेकिन अधिकांश रॉकेट, इस्राइल के भीतर जाकर गिरे। मिसाइल रोकने वाला सिस्टम लगा था, लेकिन वह भी उतना कारगर साबित नहीं हुआ। ड्रोन व हल्के गलाइडर, आसानी से इस्राइल में आते रहे। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर इतना मजबूत सुरक्षा सिस्टम क्यों खरा नहीं उतर सका। वह सिस्टम कैसे निष्क्रिय हो गया। इस्राइल के संवेदनशील बॉर्डर पर गोली नहीं चली। हमास के लड़ाके, इस्राइल के अंदर घुस आए। लोगों को मारने लगे। उन्हें बंधक बनाते चले गए। उस वक्त तक इस्राइल का सिक्योरिटी घेरा सक्रिय नहीं हो सका। ऐसा भी कहा जा रहा है कि हमास के हमले के कई घंटे बाद सिक्योरिटी फोर्सेज सक्रिय हुई थीं।  

इंटेलिजेंस फेल्योर, कहीं इंटेलिजेंस इग्नोरेंस तो नहीं ...

हमास के लड़ाके, इस्राइल के दक्षिण हिस्से में घुसकर मार काट मचाने लगे। वे वहां तक कैसे पहुंच गए। मोसाद का 360 डिग्री सुरक्षा का दावा कैसे फेल हो गया। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यहां पर एक बड़ी बात यह है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी, सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी 'सीआईए' भी मोसाद के साथ संपर्क में रहती है। सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। क्या उसे भी हमास की तैयारियों की भनक नहीं लग सकी। इसी तरह की कई चूक हैं, जिन्हें इंटेलिजेंस फेल्योर कम इंटेलिजेंस इग्ननोरेंस की नजर से देखा जा रहा है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्राइल का 360 डिग्री सुरक्षा घेरा, हमास के हमले के दौरान बिखरना, कई तरह के सवाल खड़े करता है। इस्राइली मिलिट्री इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख, मेजर जनरल अमोस याडलिन (सेवानिवृत्त) ने भी हमास के हमले को 'मोसाद' की बड़ी नाकामी स्वीकार किया है। दूसरी तरफ जंग के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हमास ने हम पर हमला कर सबसे बड़ी गलती की है। हम इसकी ऐसी कीमत वसूलेंगे, जिसे हमास और इस्राइल के बाकी दुश्मनों की पीढ़ियां दशकों तक याद रखेंगी।

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