Manipur: मणिपुर को लेकर चीन कैसे खराब कर रहा माहौल! समूचे नॉर्थ ईस्ट को लेकर रची बड़ी साजिश
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विस्तार
मणिपुर में चल रहे विवाद में चीन ने भी हर एक तरह से मोर्चा खोल रखा था। इसमें म्यांमार से घुसपैठियों की एंट्री के साथ अपने सोशल मीडिया वीबो के माध्यम से माहौल खराब करने की पूरी कोशिश भी कर रखी थी। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया एप वीबो के माध्यम से 'स्वीट वाटर विंड' जैसे हैंडल से माहौल खराब करने का पूरा ताना-बाना बुना गया और इसी नाम से मिशन 'स्वीट वाटर विंड' भी चलाया गया। फिलहाल खुफिया एजेंसियों को चीन की साजिश का न सिर्फ पता चला, बल्कि चीन की साजिश को नाकाम करने के लिए फिर उसका काउंटर भी लगातार किया जाता रहा। लेकिन देश के अंदरूनी मामले को और भड़काने के लिए चीन ने अपने डेढ़ सौ से ज्यादा बड़े सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और सरकारी हैंडलर को भारत के खिलाफ माहौल बनाने का टास्क भी दिया गया था। इस टास्क में सिर्फ मणिपुर ही नहीं बल्कि समूचे नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को निशाने पर लिया गया था। फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय को खुफिया एजेंसियों की भेजी गई रिपोर्ट में चीन की हर हरकत का कच्चा चिट्ठा शामिल है।
वीबो को चीन बना रहा था सबसे बड़ा हथियार
मणिपुर में बदहाल हुए हालातों को और हवा देने के लिए चीन ने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन ने अपने सोशल मीडिया एप वीबो के माध्यम से बड़ी साजिश रचनी शुरू की। इसमें चीन के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और सरकारी हैंडलर्स ने मणिपुर के स्थानीय निवासियों और भारतीय सेना के बीच दरार डालने की कोशिशों वाले संदेश फैलाने शुरू किए। यही नहीं अपने सोशल मीडिया के माध्यम से चीन ने मणिपुर के स्थानीय इनफ्लुएंसर और हैंडलर्स के माध्यम से मणिपुर के लोगों को भारत सरकार की ओर से की जाने वाली कार्रवाई के बाद भी नैरेटिव सेट करने के लिए हैशटैग अभियान चलाया कि भारत का रुख मणिपुर के लिए नकारात्मक है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि चीन ने जो हैशटैग अभियान चलाया वह अभी तक लगातार चल रहा है।
ऐसे चला 'स्वीट वाटर विंड कनेक्शन' अभियान
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जो इंटेलिजेंस एजेंसी इनपुट मिले हैं, उसमें पता चला है कि चीन की ओर से तीन सरकारी प्रमुख सोशल मीडिया वीबो हैंडल लगातार मणिपुर मामले में झूठ बोलकर माहौल खराब करते रहे। इसमें वीबो पर एक्टिव 'स्वीट वॉटर सी लिसनिंग टू विंड' के अलावा 'बिग रेड स्पेयर' समेत 'जोंगियान टीवी ऑफिशियल न्यूज़' मुख्य रूप से शामिल है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उनको मिले इस तरह के इनपुट के बाद जब इन हैंडल को लगातार मॉनिटर किया गया, तो पता चला कि 'स्वीट वाटर विंड' के नाम से चीन ने एक साजिश कर टास्क ऑपरेशन बनाया था। फिलहाल जांच एजेंसियों ने जब चीन के वीबो को इंटरसेप्ट करना शुरू किया, तो पता चला कि यह साजिश तो मणिपुर में माहौल खराब करने के लिए चीन के सरकारी सोशल मीडिया हैंडल से चलाई जा रही है। इस साजिश के दौरान चीन की ओर से मणिपुर में जातीय हिंसा को न सिर्फ तूल दिया गया बल्कि लोगों में यह भ्रम फैलाया गया कि भारत की सरकार उनके साथ नहीं खड़ी है।
भारत में तो वीबो बैन, लेकिन म्यांमार से फैलाया जा रहा था जहर
दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो भारत में तो प्रतिबंधित है, लेकिन चीन की ओर से फैलाए जाने वाले प्रोपेगेंडा को म्यांमार के माध्यम से भारत के अंदर भेजा जा रहा था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक म्यांमार के आतंकी समुदाय को चीन का पूरा समर्थन मिला हुआ है। इन्हीं आतंकियों के माध्यम से चीन की ओर से चलाए जाने वाले अभियान को ट्रांसलेट करके मणिपुर में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन जिस नापाक हरकत को रोकने के लिए ही न सिर्फ मणिपुर में इंटरनेट की सुविधाएं बंद की गई, बल्कि इस बात का भी पता लगाया गया कि किस मोबाइल के माध्यम से चीनी प्रोपेगेंडा को देश में बढ़ाया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले में जिन लोगों ने चीन के एजेंडे को आगे बढ़ाया उन पर निगाह रखी गई और बाद में ऐसे लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
इन भारतीय नाम पर बनाए गए वीबो अकाउंट
चीन की सरकारी एजेंसियों के अलावा वीबो पर भारत के मिलते जुलते नामों से कई फर्जी अकाउंट भी बनाए गए। खुफिया एजेंसियों को चीन की साजिश का पर्दाफाश करते हुए पता चला कि वीबो पर चीन ने 'गवर्नर ऑफ मुंबई', 'साउथ एशियन स्टडीज न्यूज़लेटर', 'गवर्नर ऑफ ताइंजु', 'माउंटेन्वांग' समेत यूनाइटेड नेशनल अकाउंट थे, जिनके माध्यम से मणिपुर में माहौल खराब करने की पूरी कोशिश की जा रही थी। चीन के स्पॉन्सर्ड सोशल मीडिया अकाउंट से भारत सरकार की कार्रवाई को लगातार मणिपुर के लोगों के विरोध में बताए जाने का अभियान चलाया जा रहा था। इसके अलावा चीन मणिपुर में दो समुदायों के बीच हुए हिंसा को हिंदू वर्सेस अन्य बताकर भी प्रचारित कर रहा था। खुफिया एजेंसियों ने चीन के सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा को जब पकड़ा, तो पता चला कि जिस वीडियो को लेकर समूचे देश में हंगामा हुआ उस पर चीन ने अपना एक अलग ही नजरिया रखा और वीबो के माध्यम से समूची दुनिया को एक अलग कहानी बताते हुए प्रसारित किया।
मई और जून से ही चीन ने चलाया था नार्थ ईस्ट के लिए अभियान
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि मई की शुरुआत और जून में चीन ने दो प्रमुख हैशटैग चलाए, जो वहां पर लगातार ट्रेंड करते रहे। सूत्रों के मुताबिक चीन ने 'मणिपुर इज नॉट इंडिया' और 'चाइना स्टैंड विद मणिपुर' का हैशटैग चलाकर लगातार दो महीने इसको चीन में सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराया गया। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चीन ने मणिपुर के माध्यम से समूचे नॉर्थ ईस्ट पर अपनी साजिश रचनी शुरू की थी। इस दौरान चीन ने सिर्फ मणिपुर ही नहीं, समूचे नॉर्थ ईस्ट का समर्थन करते हुए अन्य राज्यों में भी हालात खराब करने के लिए नापाक हरकतें करनी शुरू कर दी थीं। लेकिन चीन की इस हरकत को वक्त रहते न सिर्फ इंटरसेप्ट किया गया बल्कि उसे रोक भी दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि मणिपुर में हालात खराब करने के पीछे सबसे बड़ी साजिश चीन की रही है। चीन ने न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि म्यांमार के माध्यम से घुसपैठियों को भेजने की जो साजिश रची उसी का अंजाम है कि मणिपुर के हालात बिगड़ते रहे।