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अनोखा है ये घर: एक राज्य में खाते हैं खाना और दूसरे में गुजारते हैं रात, अनोखा है पवार परिवार का आशियाना
Thu, 15 Dec 2022 11:35 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंद्रपुर
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 15 Dec 2022 11:35 PM IST
सार
तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा में पड़ने वाले इस घऱ में आठ कमरे हैं। इस घर के चार कमरे महाराष्ट्र में आते हैं, जबकि बाकी के चार तेलंगाना में आते हैं। पवार परिवार का घर इस इलाके का सबसे चर्चित मकान है।
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अनोखा घर।
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच जारी सीमा विवाद की आग लगातार बढ़ती ही जा रही है, लेकिन महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का एक ऐसा परिवार भी है जिसके घर का किचन तेलंगाना में है तो बेडरूम और अन्य कमरे महाराष्ट्र में। यह अनोखा घर चंद्रपुर जिले की सीमावर्ती जिवती तहसील के महाराजागुडा गांव में है। इस घर में पवार परिवार रहता है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह परिवार दोनों राज्यों में संपत्ति संबंधी टैक्स भी जमा करता है।
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दो राज्यों में बसा है घर
तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा में पड़ने वाले इस घऱ में आठ कमरे हैं। इस घर के चार कमरे महाराष्ट्र में आते हैं, जबकि बाकी के चार तेलंगाना में आते हैं। पवार परिवार का घर इस इलाके का सबसे चर्चित मकान हैं। इस परिवार के मालिक उत्तम ने बताया कि उनके परिवार में 12-13 लोग हैं। उनके भाई के 4 कमरे तेलंगाना में हैं वहीं उनके चार कमरे महाराष्ट्र राज्य का हिस्सा हैं।
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दोनों राज्यों में भरता आया है टैक्स
जानकारी के मुताबिक, बीते कई सालों से यह परिवार तेलंगाना और महाराष्ट्र में संपत्ति का टैक्स भरता आया है। इसके साथ ही इस घर में रहने वाले लोग दोनों राज्यों की लाभार्थी योजनाओं का फायदा भी उठाते हैं। इतना ही नहीं, उनके पास महाराष्ट्र और तेलंगाना के पंजीकरण संख्या वाले वाहन भी हैं।
इस घऱ की रसोई तेलंगाना में है तो वहीं बेडरूम और हॉल महाराष्ट्र में हैं। इस मकान में दो भाइयों उत्तम पवार और चंदू पवार के परिवार के कुल 13 सदस्य सालों से रह रहे हैं। दरअसल, 1969 में जब सीमा मुद्दे पर दोनों राज्यों में विवाद सुलझ गया तो पवार परिवार की जमीन भी दो राज्यों में बंट गई थी। हालांकि, इस घर में रहने वाले लोगों को आज तक किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
इस मामले पर बात करते हुए उत्तम पवार ने कहा कि हमारा घर महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच बंटा हुआ है, लेकिन आज तक हमें इससे कोई दिक्कत नहीं हुई, हम दोनों राज्यों में प्रॉपर्टी टैक्स देते हैं और दोनों राज्यों की योजनाओं का लाभ उठाते हैं।