फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hospitals started evacuating, more than half of covid patients in their homes in the country

खाली होने लगे अस्पताल, आधे से ज्यादा कोविड मरीज अब अपने घरों में हैं

Fri, 08 Jan 2021 07:38 AM IST
Kuldeep Singh परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Fri, 08 Jan 2021 07:38 AM IST
विज्ञापन
Hospitals started evacuating, more than half of covid patients in their homes in the country
नई दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

देश में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण की चाल मंद हो रही है, वैसे-वैसे कोरोना का उपचार करने वाले अस्पताल खाली होने लगे हैं। दिल्ली सहित देश के ज्यादातर महानगरों में कोविड को लेकर बनाए गए अस्पतालों में खाली बिस्तरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। स्थिति यह है कि देश में अभी आधे से ज्यादा संक्रमण के मरीज अपने घरों में हैं।

विज्ञापन


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ इन मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 2.27 लाख हैं। इनमें से 56.94 प्रतिशत से भी कहीं अधिक मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
विज्ञापन


घरों में रहकर अपना उपचार कराने वाले मरीजों में 48 प्रतिशत बिना लक्षण वाले हैं जबकि बाकी मरीजों में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वहीं 43.96 प्रतिशत मरीजों का उपचार विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र या अस्पतालों में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अस्पताल में भर्ती तीन प्रतिशत गंभीर
रिपोर्ट में यहां तक बताया गया है कि अस्पताल में उपचाराधीन संक्रमित मरीजों में से तीन फीसदी गंभीर अवस्था से जूझ रहे हैं। जबकि इन में डेढ़ सौ मरीज हाल ही में ब्रिटेन से लौटकर वापस आए हैं। इनमें से 73 मरीजों को नए कोरोना के रूप से ग्रस्त होने के चलते उन्हें अलग से आइसोलेट किया गया है।

दिल्ली मैक्स अस्पताल के डॉक्टर विवेक कुमार का कहना है कि कोरोना को लेकर अब इस स्थिति में काफी सुधार है। उनके यहां पहले की तुलना में करीब 60 फीसदी तक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है लेकिन पोस्ट कोविड अभी मामले भी बढ़ रहे हैं।

सच साबित होने लगा देश का इसका सुपर मॉडल
वर्तमान में कोरोना संक्रमण की स्थिति और आंकड़ों पर गौर करें तो देश का यह गणितीय मॉडल सच साबित होने लगा है जिसे आईआईटी कानपुर सहित कई बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों ने तैयार किया था। इसे सुपर मॉडल का नाम दिया गया था।

जिसके अनुसार, फरवरी 2021 तक देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मरीज केवल 20 हजार ही रहने का अनुमान जताया गया था। इस पर सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मांडे का कहना है कि सुपर मॉडल को लेकर जो कुछ भी पूर्वानुमान किया था अब सही साबित हो रहा है।

स्थिति को बरकरार रखना जरूरी
जोधपुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रिजवान का कहना है कि हर दिन नए संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने और डिस्चार्ज मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से सक्रिय मामले तेजी से नीचे आए हैं।


अभी केवल दो प्रतिशत ही मरीज संक्रमण का सामना कर रहे हैं। यह काफी बेहतर की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन इस स्थिति को बरकरार रखना ही देश की सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि कुछ देशों में लॉकडाउन की स्थिति फिर से दिखाई दे रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed