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आयुष्मान भारत के लिए कम पड़े अस्पताल, 6.5 लाख बिस्तर की दरकार 

Sat, 03 Nov 2018 05:26 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 03 Nov 2018 05:26 AM IST
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Hospitals decreased for Ayushman Bharat scheme

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ से 55 करोड़ लोग इलाज का लाभ ले सकेंगे। इस योजना के लागू होने के बाद अब सरकार को देश में अस्पतालों की कमी की चिंता सताने लगी है। अस्पतालों में 6.5 लाख और बिस्तर की जरूररत है। अमर उजाला को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के तहत नीति आयोग ने सभी राज्यों से नए अस्पताल खोलने के लिए सलाह मांगी है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों के छोटे शहरों और कस्बों में अस्पताल खोलना चाहती है। 

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चूंकि इतने अस्पताल खोलने के लिए बजट रोड़ा बन सकता है, इसलिए सरकार ने निजी अस्पतालों को इन शहरों और कस्बों में आने के लिए कहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर निजी कंपनियों को अस्पताल खोलने के लिए बिजली, पानी, जमीन और अन्य तरह की स्वीकृतियों में मदद देने का आश्वासन दिया है। 23 सिंतबर को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) लागू होने के बाद अब तक ढाई लाख से ज्यादा परिवारों को स्वास्थ्य लाभ मिल चुका है। 
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साथ ही राज्यों में उच्च सुविधाओं से लैस अस्पतालों की कमी को दूर करने पर भी विचार शुरू हो रहा है। पिछले महीने नीति आयोग ने देशभर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय देश में करीब 80 हजार छोटे बड़े प्राइवेट और करीब 7 हजार सरकारी अस्पताल हैं। इनमें से उच्च सुविधाओं से लैस महज 3 हजार अस्पताल ही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश में करीब 6.5 लाख बिस्तरों की व्यवस्था है जो फिलहाल आयुष्मान भारत के लिए कम हैं। 2028 तक इसे बढ़ाकर करीब 13 लाख करने का लक्ष्य है। इसलिए तीन मॉडल के तहत अस्पतालों को खोलने का निर्णय हुआ है। 
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तीन साल में खोलने होंगे 1500 अस्पताल 

प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी ने बताया कि देश में अस्पतालों की संख्या बढ़ना बेहद जरूरी है। कई वर्षों से इस तरह की मांग हो रही है, लेकिन सरकार अब संज्ञान ले रही है। उन्होंने कहा, ‘एक अस्पताल खोलने के लिए कई तरह की मंजूरी लेनी होती है, जिसमें डेढ़ से दो साल लग जाते हैं। सरकार को तीन साल में करीब 1500 अस्पताल खोलने का लक्ष्य रखना होगा। तभी वे अगले दस साल में अपना लक्ष्य हासिल कर सकेंगे।’

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