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लोकसभा में बोला केंद्र: देश में NRC लागू करने पर अभी फैसला नहीं, CAA के नियमों की अधिसूचना जारी करना बाकी

Tue, 30 Nov 2021 01:31 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Tue, 30 Nov 2021 01:31 PM IST
सार

गैर भाजपा शासित राज्य देश में एनआरसी लागू करने का विरोध कर रहे हैं। वहीं सीएए का भी विरोध हो रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में दोनों पर लिखित जवाब दिया है। 

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Home Ministry in Lok Sabha Government has not taken any decision on NRIC and CAA rules are yet to be notified
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

देश में एनआरसी लागू होगा कि नहीं? इस पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। यह जानकारी केंद्र की ओर से लोकसभा में लिखित जवाब के द्वारा दी गई है। केंद्र की ओर से लोकसभा में बताया गया है कि देश भर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) लागू करने पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया गया है। 

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इसके अलावा शीतकालीन सत्र के दौरान गृह मंत्रालय ने नागरिकता संसोधन अधिनियम पर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में बताया है कि सीएए को 12 दिसंबर 2019 में अधिसूचित किया गया था और यह 10 जनवरी 2020 को लागू हुआ था, लेकिन इसके नियमों को बनने में अभी समय लगेगा और इनका अधिसूचित होना अभी बाकी है। गृह मंत्रालय ने कहा कि सीएए के दायरे में जो भी आएगा वह नियम लागू होने के बाद नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। 
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गैर भाजपा शासित राज्य कर रहे विरोध 
सीएए व एनआरसी को लागू करने पर गैर भाजपा शासित राज्य लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि एनडीए के समर्थन वाली नीतीश सरकार ने भी बिहार में एनआरसी लागू न करने पर बयान दिया था। इसके अलावा बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान समेत अन्य राज्य एनआरसी को लागू करने से इंकार कर चुके हैं। 
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क्या है नागरिकता संशोधन कानून CAA
नागरिकता संशोधन कानून 2019 में बनाया गया था। इस कानून में तीन पड़ोसी देशों बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। इन देशों में हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, पारसी और ईसाई धर्म के लोग अल्पसंख्यक हैं। इसलिए, भारत में पांच साल पूरा कर चुके ऐसे शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। पहले नागरिकता पाने के लिए 11 साल की शर्त थी। इसके अलावा सरकार ने अवैध घुसपैठ रोकने के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर भी लागू करने का फैसला किया था। 

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