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सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश मजदूरों के खाने और रहने का प्रबंध करें: गृह मंत्रालय
Fri, 27 Mar 2020 04:00 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 27 Mar 2020 04:00 PM IST
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पलायन करते प्रवासी मजदूर
- फोटो : PTI
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देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को प्रवासी मजदूरों सहित सभी श्रमिकों को सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाने को कहा है।
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केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कृषि मजदूरों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भोजन और आश्रय सहित पर्याप्त सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए लिखा है।
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Union Home Secretary AK Bhalla has written to all States/UTs to take immediate steps to provide adequate support, including food and shelter, to migrant agricultural labourers, industrial workers and other unorganized sector workers during the 21-day nationwide COVID-19 lockdown.
— ANI (@ANI) March 27, 2020
साथ ही राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के लिए गृह मंत्रालय ने परामर्श जारी किया है कि वे स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए एनजीओ सहित विभिन्न एजेंसियों की मदद लें।
मंत्रालय ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे इन लोगों को सरकार द्वारा पीडीएस के माध्यम से मुफ्त खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं के प्रावधान सहित उपायों से अवगत कराएं और वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करें।
प्रवासी मजदूरों का बुरा हाल
बता दें कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है। सरकार के इस कदम के बाद से ही प्रवासी मजदूरों को जत्था अपने निवास स्थान पर जाने के लिए मजबूर हो रहा है। इसके चलते वे लॉकडाउन के नियमों का पालन भी नहीं कर रहे है।
इन मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से उनका रोजगार बंद हो गया है और उन्हें खाने-पीने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इन मजदूरों के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार को 300 से अधिक प्रवासी कामगारों को दो कंटेनर ट्रकों के अंदर बैठ कर जाता हुआ पाया। जिस ट्रक में ये प्रवासी बैठे थे, वे तेलंगाना से राजस्थान के लिए आवश्यक वस्तुओं को ले जा रहे थे।
घर लौटने के लिए ऐसे खतरनाक तरीके का चुनाव करने को देखकर अधिकारी भी चकित हैं। उन्होंने पाया कि ये सभी कामगार प्रवासी राजस्थान के रहने वाले थे और ये वापस घर पहुंचने के लिए इस खतरनाक तरीके का प्रयोग कर रहे थे।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने यवतमाल जिले की सीमा पर तेलंगाना की ओर से आ रहे दो कंटेनर ट्रकों को निरीक्षण के लिए रोका। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'पांढरकवडा टोल बूथ पर अधिकारियों को कुछ गड़बड़ महसूस हुई, जब ट्रकों के चालक क्या ले जा रहे हैं और कहां जा रहे हैं, इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।'