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Mizoram: मिजोरम ने असम के साथ सीमा के संबंध में अपना दावा किया प्रस्तुत, जल्द निकलेगा समाधान
Wed, 23 Aug 2023 10:19 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आईजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आईजोल
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 23 Aug 2023 10:19 PM IST
सार
मिजोरम के गृहमंत्री लालचामलियाना ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने फरवरी में असम को गांवों की सूची सहित राज्य की सीमा के संबंध में अपना दावा सौंप दिया है।
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लालचामलियाना, मिजोरम के गृहमंत्री।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मिजोरम सरकार ने असम के साथ 150 साल पुराने सीमा विवाद पर समाधान को लेकर बातचीत फिर से शुरू करने की मांग की है। इसको लेकर मिजोरम के गृहमंत्री लालचामलियाना ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने फरवरी में असम को गांवों की सूची सहित राज्य की सीमा के संबंध में अपना दावा सौंप दिया है।
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मिजोरम के तीन जिले- आइजोल, कोलासिब और ममित, असम के साथ 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। जुलाई 2021 में सीमा विवाद के बाद दोनों राज्य इस जटिल मुद्दे का समाधान खोजने के लिए बातचीत कर रहे हैं। नवंबर 2022 में गुवाहाटी में हुई आखिरी बैठक में दोनों पक्षों ने फैसला किया कि मिजोरम अपने दावे के समर्थन में तीन महीने के भीतर गांवों की सूची, उनके क्षेत्र, भू-स्थानिक सीमा और लोगों की जातीयता और अन्य प्रासंगिक जानकारी प्रस्तुत करेगा।
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फिर किसी समाधान पर पहुंचने के लिए दोनों राज्यों द्वारा क्षेत्रीय समितियों का गठन करके इनकी जांच की जा सकती है। मंत्री लालचामलियाना ने विधानसभा को बताया कि मिजोरम सरकार ने अपने क्षेत्र, गांवों और उस क्षेत्र के लोगों की जातीयता के बारे में अपना दावा 13 फरवरी को असम को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि मिजोरम ने भी असम सरकार को पत्र लिखकर इस पर स्पष्टीकरण का अनुरोध किया है और अभी भी जवाब का इंतजार कर रहा है।
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सीमा विवाद को लेकर सत्तारूढ़ एमएनएफ विधायक वनलालतनपुइया ने सरकार से सवाल पूछे थे, जिस पर मंत्री लालचामलियाना ने कहा कि सरकार ने जुलाई 2021 में हिंसा के बाद असम के साथ राज्य की सीमा पर कई स्थायी और अस्थायी चौकियां स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद का समाधान ढूंढने के लिए दोनों राज्यों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा, इसके अलावा, दोनों राज्यों के बीच तीन आभासी मंत्री-स्तरीय बैठकें और जिला प्रशासन स्तर पर तीन दौर की बैठकें बुलाई गई हैं।
मिजोरम सरकार में मंत्री लालचामलियाना ने पहले कहा था कि मिजोरम ने विवादित क्षेत्र के कम से कम 62 गांवों को अपनी सीमा के भीतर स्थित होने का दावा किया है। उन्होंने कहा था कि ये गांव 1875 के बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (बीईएफआर) के तहत अधिसूचित इनर लाइन आरक्षित वन की सीमा के भीतर हैं। मिजोरम और असम के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा है।