Ghatkopar Hoarding Crash: पुलिस ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट, दो IPS अधिकारियों समेत 100 गवाहों के बयान दर्ज
13 मई को घाटकोपर पूर्व में तूफान की वजह से एक विज्ञापन होर्डिंग गिर गई थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 84 घायल हो गए थे। होर्डिंग को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जमीन पर अवैध रूप से लगाया गया था।
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मुंबई के घाटकोपर में दो महीने पहले तेज आंधी तूफान की वजह से विशाल होर्डिंग उखड़कर गिर गई थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के दो महीने के बाद मुंबई पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ 3299 पन्नों के आरोपपत्र (चार्जशीट) को तैयार किया है। पुलिस ने एसप्लेनेड मजिस्ट्रेट की अदालत में यह आरोपपत्र दाखिल किया है।
आरोप पत्र में 100 गवाहों के बयान शामिल
इस आरोपपत्र में निलंबित किए गए आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद और आईपीएस अधिकारी रविंद्र शिस्वे समेत 100 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। आपको बता दें कि कैसर खालिद उस दौरान सरकारी रेलवे पुलिस आयुक्त थे। इसके अलावा रविंद्र शिस्वे वर्तमान में जीआरपी आयुक्त हैं। इस मामले की जांच अपराध शाखा के विशेष जांच दल द्वारा की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपपत्र में बृह्नमुंबई नगर निगम के अधिकारियों के भी बयान दर्ज हैं। इसके अलावा आरोप पत्र में होर्डिंग के निर्माण में शामिल एक राजमिस्त्री के बयान भी शामिल हैं।
13 मई को हुआ था हादसा
आपको बता दें कि 13 मई को घाटकोपर पूर्व में तूफान की वजह से एक विज्ञापन होर्डिंग गिर गई थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 84 घायल हो गए थे। इस होर्डिंग को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जमीन पर अवैध रूप से लगाया गया था।
भावेश भिंडे को बनाया गया मुख्य आरोपी
आरोपपत्र में मुख्य आरोपी भावेश भिंडे को बनाया गया है। भावेश भिंडे की कंपनी इगो मीडिया द्वारा इस होर्डिंग को लगाया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि अभी जांच जारी है और इस वजह से आरोप पत्र में अभी किसी को वांछित नहीं दिखाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया था। पुलिस महानिदेशक की मंजूरी के बिना होर्डिंग लगाने की मंजूरी देने में कथित नियमितताओं के लिए आईपीएस अधिकारी खालिद को निलंबित किया था।