फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hit List of PFI 972 people former judge name included NIA presented documents court

Hit List of PFI: पीएफआई की हिट लिस्ट में 972 लोग, पूर्व जज का नाम भी शामिल; NIA ने कोर्ट में पेश किए दस्तावेज

Wed, 25 Jun 2025 12:34 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 25 Jun 2025 12:34 PM IST
सार

केरल में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की साजिशों का बड़ा खुलासा हुआ है। एनआईए ने कोर्ट में बताया कि पीएफआई ने 972 लोगों की हिट लिस्ट तैयार की थी, जिसमें एक पूर्व जिला जज सहित अन्य समुदायों के प्रभावशाली लोग शामिल थे। PFI की 'रिपोर्टर्स विंग' ने इन लोगों की निजी जानकारी जुटाई थी। एनआईए ने मामले में कई दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं।

विज्ञापन
Hit List of PFI 972 people former judge name included NIA presented documents court
NIA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की खतरनाक साजिशों का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोर्ट में बताया कि पीएफआई के पास करीब 972 लोगों की हिट लिस्ट थी, जिनमें अन्य समुदायों के प्रभावशाली लोग, एक पूर्व जिला जज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग शामिल थे।
विज्ञापन


एनआईए द्वारा कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, पीएफआई ने अपने गुप्त 'रिपोर्टर्स विंग' के जरिए इन लोगों की निजी जानकारी एकत्र की थी। इसमें नाम, उम्र, फोटो, पद और रोजमर्रा की गतिविधियों तक का विवरण रखा गया। यह जानकारी जिला स्तर पर इकट्ठा कर संगठन के राज्य स्तर के नेताओं तक पहुंचाई जाती थी।
विज्ञापन


एजेंसी ने खोला पीएफाआई का काला चिट्ठा
एजेंसी ने बताया कि पीएफआई  की तीन मुख्य शाखाएं थीं. 'रिपोर्टर्स विंग', 'फिजिकल और आर्म्स ट्रेनिंग विंग' और 'सर्विस विंग/हिट टीम्स'। रिपोर्टर्स विंग एक तरह से संगठन की खुफिया शाखा थी, जो खासतौर पर हिंदू समुदाय के नेताओं की जानकारी जुटाती थी। इन सूचनाओं का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर हत्या जैसे हमलों को अंजाम देने में किया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


एस के श्रीनिवासन की हत्या मामले में खुलासा
यह खुलासा उस समय हुआ, जब एनआईए ने साल 2022 में हुए वरिष्ठ आरएसएस नेता एस के श्रीनिवासन की हत्या मामले में आरोपी कुछ लोगों की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ये दस्तावेज कोर्ट में सौंपे। श्रीनिवासन की हत्या 16 अप्रैल 2022 को उनकी दुकान में कथित रूप से पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने कर दी थी।

ये भी पढ़ें: 'बीते 11 वर्षों से देश में अघोषित आपातकाल लागू', कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला


पीएफआई का आर्म्स ट्रेनिंग सेंटर
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि जिन दस्तावेजों को बरामद किया गया है, उनमें साफ उल्लेख है कि 972 लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिेनमें एक पूर्व जिला जज भी शामिल थे। इसके अलावा, 'पेरियार वैली कैंपस' को भी एजेंसी ने कुर्क किया है, जिसे पीएफआई का कथित आर्म्स ट्रेनिंग सेंटर बताया गया है।

ये भी पढ़ें: बीएसएफ जवान को क्यों करनी पड़ी एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस की शिकायत? आरोपों में कही ये बात

साल 2022 में लगा था प्रतिबंध
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में केंद्र सरकार ने पीएफआई और उससे जुड़े कई संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने उन पर आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों से संबंध रखने का आरोप लगाया था। NIA लगातार पीएफआई से जुड़े मामलों की जांच कर रही है और यह नया खुलासा संगठन की खतरनाक मानसिकता और सुनियोजित हिंसक गतिविधियों को उजागर करता है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed