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इतिहासकार और लेखक एम चिदानंद मूर्ति का 88 वर्ष की उम्र में बेंगलुरु में निधन, पीएम ने जताया शोक
Sat, 11 Jan 2020 10:30 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:30 AM IST
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M Chidanadamurthy
- फोटो : ANI
इतिहासकार, शोधकर्ता और लेखक एम चिदानंद मूर्ति का बेंगलूरू में शनिवार को 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लेखक ने बेंगलूरू के निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किय, 'डॉ एम चिदानंद मूर्ति संस्कृति और साहित्य के ज्ञाता थे। कन्नड़ भाषा के प्रति उनका जुनून उल्लेखनीय था और साथ ही हमारे समृद्ध इतिहास के अद्वितीय पहलुओं को संरक्षित करने के उनके प्रयास भी उल्लेखनीय थे। उनका निधन दुखद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। शांति।'
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एम चिदानंद मूर्ति को हम्पी स्मारकों के संरक्षण के लिए चलाए गए अभियानों के लिए जाना जाता है। एम चिदानंद मूर्ति का जन्म 10 मई 1931 में हुआ था। वह कर्नाटक के प्रसिद्ध विद्वान हैं जो कन्नड़ भाषा और प्राचीन कर्नाटक के इतिहास के विशेषज्ञ हैं। उन्हें अपने हम्पी के स्मारकों के संरक्षण और कन्नड़ भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के अभियान के लिए भी जाना जाता है।
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Historian, researcher and writer M Chidanadamurthy passed away in Bengaluru, today. He was also known for his campaign to preserve Hampi monuments. #Karnataka pic.twitter.com/mJ3urYpCBO
— ANI (@ANI) January 11, 2020