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Research: सिर्फ रोब झाड़ने के लिए नहीं, रीच बढ़ाने के लिए भी हिंग्लिश का होता इस्तेमाल, इससे हिंदी को असर नहीं

Fri, 14 Jun 2024 10:12 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 14 Jun 2024 10:12 PM IST
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सार
हिंदी भाषा सहोदरी के दीपक शुक्ला का मानना है कि हिंदी इतनी मजबूत और लोकप्रिय भाषा है कि किसी दूसरी भाषा के असर के कारण इसका कोई नुकसान नहीं हो सकता। उलटे दूसरी भाषाओं के कुछ शब्दों के इसके साथ मिल जाने से यह समृद्ध ही होती है।
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Hinglish not only to show off but also to increase reach no effect in Hindi
हिंग्लिश - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आपसी बातचीत में लोग हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा के शब्दों का खूब जमकर इस्तेमाल करते हैं। कई बार लोग हिंग्लिश का प्रयोग अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए भी करते हैं। लेकिन एक रिसर्च में यह दावा किया गया है कि हिंग्लिश का प्रयोग सोशल मीडिया के पोस्ट को ज्यादा बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। सोशल मीडिया एक्स पर लगभग 34 फीसदी लोग हिंग्लिश का इस्तेमाल करते हैं। हिंग्लिश का सबसे ज्यादा प्रयोग राजनीतिक विषयों में किया जा रहा है। इसके उपयोग में हर साल दो फीसदी की वृद्धि भी हो रही है। विशेषकर युवाओं में यह प्रचलन खूब बढ़ रहा है। 

आईआईटी दिल्ली की एक टीम के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की पोस्ट की एक रिसर्च के बाद यह बात सामने आई है कि हिंग्लिश का उपयोग सोशल मीडिया की पोस्ट को ज्यादा व्यापक रीच देता है। यह लोगों को ज्यादा तेजी से समझ में आता है, इस कारण लोग जमकर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। 

17 हजार एक्स यूजर्स की 2.60 लाख पोस्ट पर किए गए इस अध्ययन के अनुसार लोग अपने फॉलोवर्स से ज्यादा बेहतर संबंध स्थापित करने के लिए हिंग्लिश का खूब जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके असर को देखते हुए इसकी वृद्धि दर लगातार बढ़ रही है। 2014-22 के 1.2 फीसदी की तुलना में अब यह दो फीसदी तक पहुंच गई है।

क्यों बढ़ रहा प्रयोग?
हिंदी भाषा सहोदरी के दीपक शुक्ला ने अमर उजाला को बताया कि प्रयोग में सुगमता और आसानी से समझ में आने के कारण हिंग्लिश आज लोगों की पहली पसंद बन गई है। कंप्यूटर, लैपटॉप से लेकर मोबाइल तक में हिंदी में टाइपिंग करना मुश्किल भरा काम होता है, जबकि अंग्रेजी के अक्षरों का इस्तेमाल करते हुए हिंदी भाषा में ही अपनी बात रखना ज्यादा आसान होता है। यही कारण है कि लोग हिंदी भाषा के शब्दों को भी अंग्रेजी के अक्षरों में लिख रहे हैं। 

अंग्रेजी भाषा के स्कूलों में बढ़कर बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में काम करने वाले कलाकार बोलने के लिए तो हिंदी बोल लेते हैं, लेकिन ज्यादातर कलाकारों को हिंदी भाषा पढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए वे अपनी हिंदी की स्क्रिप्ट को भी अंग्रेजी के अक्षरों में लिखकर दिए जाने की मांग करते हैं। ठीक यही बात सोशल मीडिया पर भी लागू होती है। 

आज हमारे देश की एक बड़ी आबादी अपने बच्चों को अंग्रेजी के स्कूलों में पढ़ा रही है। ये बच्चे अंग्रेजी में बेहतर समझ रखते हैं, लेकिन आपसी बातचीत में हिंदी का ज्यादा प्रयोग होने के कारण वे हिंग्लिश का प्रयोग करते हैं। हिंदी भाषा के बीच में हिंदी के शब्दों की अंग्रेजी का चलन इतना सामान्य हो गया है कि कई बार इन शब्दों के हिंदी के ही शब्द होने का आभास होने लगता है। 

हिंदी के लिए खतरा या सहायक
दीपक शुक्ला का मानना है कि हिंदी इतनी मजबूत और लोकप्रिय भाषा है कि किसी दूसरी भाषा के असर के कारण इसका कोई नुकसान नहीं हो सकता। उलटे दूसरी भाषाओं के कुछ शब्दों के इसके साथ मिल जाने से यह समृद्ध ही होती है। उन्होंने कहा कि हिंग्लिश के उपयोग के कारण ही सोशल मीडिया पर हिंदी और अधिक लोकप्रिय हो रही है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।

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