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पाकिस्तान में दस महीने फंसे रहने के बाद आखिरकार परिवार से मिली हिंदू महिला
Wed, 25 Nov 2020 02:34 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 25 Nov 2020 02:34 PM IST
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pakistan and india
पाकिस्तान की एक हिंदू शरणार्थी महिला दस महीने तक वहां फंसे रहने के बाद मंगलवार को भारत में अपने परिवार से मिलीं। भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली जनता माली अपने पति और बच्चों के साथ एनओआरआई वीजा पर फरवरी में पाकिस्तान के मीरपुर खास में अपनी बीमार मां से मिलने गई थीं, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से वहीं रुक गई।
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कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद उन्हें वापस यात्रा करने की अनुमति नहीं मिली क्योंकि उनका वीजा समाप्त हो गया था। उसके बाद वह पड़ोसी देश में फंस गई जबकि उसके पति और बच्चे जुलाई में वापस भारत आ गए।
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महिला को पति और बच्चों के साथ आने की नहीं मिली अनुमति
महिला को अपने पति और बच्चों के साथ ट्रेन में सवार होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। एनओआरआई वीजा पाकिस्तानी नागरिकों को दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) पर भारत में रहने के दौरान पाकिस्तान की यात्रा करने और 60 दिनों के भीतर लौटने की अनुमति देता है।
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सितंबर में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान हाई कोर्ट को एनओआरआई वीजा खत्म होने के बाद 410 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों के पाकिस्तान में फंसे होने की जानकारी दी थी। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक प्रवासियों से संबंधित मुद्दों पर अदालत द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी सज्जन सिंह ने बताया कि ये शरणार्थी दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) पर भारत में रह रहे थे और एनओआरआई वीजा पर लॉकडाउन से पहले पाकिस्तान गए थे।
पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को वापस देश लाने की तैयारी
तब गृह मंत्रालय ने कहा था कि इन लोगों को वीजा का विस्तार करते हुए जल्द ही देश वापस लाया जाएगा। सीमांत लोक संघ के अध्यक्ष हिंदू सिंह सोढ़ा ने कहा कि संगठन ने इस मुद्दे को राजस्थान सरकार के साथ-साथ केंद्र तक पहुंचाया था।
उन्होंने कहा कि हमने सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे सभी लोगों की वापसी का मार्ग प्रशस्त किया जाए, जो अपने एनओआरआई वीजा की अवधि समाप्त होने के कारण पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। सोढ़ा ने आगे कहा कि छह महीने के संघर्ष के बाद हम माली को वापस लाने में सफल रहे, जो लॉकडाउन के कारण पाकिस्तान में फंस गई थीं।