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पद्मनाभा मंदिर में महिलाओं के 'ड्रेस कोड' पर हिंदू संगठनों का विरोध

Wed, 30 Nov 2016 06:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 30 Nov 2016 06:02 PM IST
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 Hindu organisation opposed Padmanabha temple new dress code for womens

विभिन्न हिंदू संगठनों ने बुधवार को पद्मनाभा स्वामी मंदिर के सामने महिलाओं को पहनावे में छूट दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि पद्मनाभा मंदिर समिति ने मंगलवार को महिला श्रद्धालुओं को पहनावे में छूट देते हुए उन्हें मंदिर में सलवार कमीज और चूड़ीदार पहन कर पूजा करने की इजाजत दे दी थी।

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देश के सबसे धनी माने जाने वाले पद्मनाभा मंदिर में अब तक सलवार और चूड़ीदार पहन कर आई हुई महिला श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले ऊपर से धोती डाल कर जाना पड़ता है।

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स्थानीय भाषा में इस धोती को ‘मुंडू’ कहा जाता है। मंदिर में मुंडू ओढ़ने की प्रथा को मंदिर समिति द्वारा समाप्त किये जाने का विभिन्न हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रम ने कहा कि, ‘सरकार इस मामले के सभी पहलुओं पर विचार कर के उचित निर्णय लेगी।’ केरल के ब्राह्मण सभा ने सलवार कमीज और चूड़ीदार को पश्चिमी सभ्यता का पहनावा बताया और मंदिर समिति के इस निर्णय का विरोध किया। जबकि हिंदू एक्य वेदी की अध्यक्ष शशिकला ने मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी के इस निर्णय को हिंदू धर्म की परंपरा के खिलाफ बताया। 

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महिलाओं के पहनावे का मुद्दा केरल हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया था

 Hindu organisation opposed Padmanabha temple new dress code for womens

बीजेपी की नेता शोभा सुरेंद्रम ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से महिलाओं के सलवार और चूड़ीदार पहनावे के खिलाफ नहीं है लेकिन फिर भी कार्यकारी अधिकारी को इतना बड़ा फैसला लेने से पहले प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा कर लेनी चाहिए थी। अपना पक्ष रखते हुए मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि, ‘मंदिर में पूजा करने के दौरान महिलाओं के पहनावे का मुद्दा केरल हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया था और हाईकोर्ट ने ही इस बाबत अपने वकील के माध्यम से कानूनी सलाह दी थी।’ 

गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में एक महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट का आदेश मानते हुए मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी ने मंदिर में पूजा के दौरान महिलाओं को पारंपरिक ड्रेस कोड में छूट देने की घोषणा की थी। 

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