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Ram Temple: 'जैसा सोमनाथ मंदिर के साथ किया, वही राम मंदिर..', न्योते पर कांग्रेस के इनकार पर बोले असम सीएम

Thu, 11 Jan 2024 03:43 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: आदर्श शर्मा Updated Thu, 11 Jan 2024 03:43 PM IST
सार

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस के शामिल न होने पर असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास इसे याद रखेगा। 

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Himanta slams Congress for declining Ayodhya invite, Like Nehru did with Somnath Temple
असम के सीएम - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस के शामिल न होने पर राजनीति तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस को उनका पाप कम करने का मौका दिया गया था, लेकिन पार्टी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आमंत्रण को ही ठुकरा दिया है, हिंदू विरोधियों का इतिहास आकलन करता रहेगा। 
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कांग्रेस को दिया गया था सुनहरा अवसर- सरमा
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही अयोध्या में राम मंदिर के बारे में अपने विचारों के कारण प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए आमंत्रण के हकदार ही नहीं थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण देकर कांग्रेस पार्टी को अपना पाप काम करने का सुनहरा अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि हालांकि मेरी राय थी कि कांग्रेस को राम मंदिर का आमंत्रण दिया ही नहीं जाना चाहिए था। 
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कांग्रेस को मिला था माफी मांगने का मौक- सरमा
कांग्रेस द्वारा राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि कांग्रेस को आमंत्रण को स्वीकार करके प्रतीकात्मक रूप से हिंदू समाज से माफी मांग सकती थी। हालांकि जैसा पंडित नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के साथ किया था, कांग्रेस के नेतृत्व ने राम मंदिर के साथ भी वैसा ही किया। इतिहास उन्हें हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर उन्हें आंकता रहेगा।

असम मुख्यमंत्री सरमा ने पोस्ट के साथ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश द्वारा जारी बयान को साझा किया, जिसमें पार्टी नेताओं सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अधीर रंजन चौधरी को दिए गए आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया गया था। जयराम रमेश ने कहा था कि भगवान राम को लाखों लोग पूजते हैं, लेकिन धर्म उनका निजी मामला है। 

महिला स्वयं सहायता समूह के लिए नई योजना
पत्रकारों से बातचीत करते हुए असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि हम राज्य के ग्रामीण इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता शुरू करेंगे। इस साल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सात लाख महिलाओं की वार्षिक आय बढ़ी है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में सरकार 10 हजार रुपये की प्रारंभिक राशि देगी। दूसरे वर्ष में राज्य सरकार 12,500 रुपये देगी। बैंक लाभार्थियों को 12500 रुपये की ऋण राशि देगा। महिला लाभार्थियों के लिए कुछ मानदंड निश्चित किए गए हैं। सामान्य और ओबीसी श्रेणियों की महिलाओं के 3 से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए। मोरन, मटक और चाय समुदाय और एससी/एसटी की महिला लाभार्थियों के अधिकतम केवल चार बच्चे हो।
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