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पोरबंदर में बोले हिमंत बिस्वा सरमा:असम और गुजरात का संबंध 60 हजार साल से भी पुराना, पीएम मोदी के नेतृत्व को सराहा
Wed, 13 Apr 2022 11:35 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोरबंदर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोरबंदर
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 13 Apr 2022 11:35 PM IST
सार
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, असम और केंद्र में कांग्रेस कई वर्षों तक सत्ता में रही, लेकिन इसे पुनर्जीवित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर को देश का प्रमुख विकास इंजन बनाने में योगदान देने के लिए एक बार फिर बंद जल संपर्क स्थापित किया गया है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुजरात में पोरबंदर में आयोजित माधवपुर मेले का बुधवार को समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित समापान समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान गुजरात और असम के रिश्तों को ऐतिहासिक बताया। साथ ही इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की भी जमकर तारीफ की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को नरेंद्र मोदी जैसा नेता देने के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने कहा कि असम और गुजरात भौगोलिक रूप से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर हैं, फिर भी असम और गुजरात इतिहास और सभ्यता के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ये संबंध 60,000 साल से भी अधिक पुराना है।
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अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार का मानना है कि जब तक किसी देश को अपने इतिहास, अपनी जड़ों और अपनी ताकत का स्पष्ट ज्ञान नहीं होगा, वह विकास के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकता।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने वार्षिक रूप से गुजरात के पोरबंदर में लगने वाले माधवपुर मेले के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि आजादी से पहले, जलमार्ग ने व्यापार और वाणिज्य को सुविधाजनक बना दिया था और असम और पूर्वोत्तर के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी, लेकिन आजादी के बाद खासकर 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद यह जलमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि असम और केंद्र में कांग्रेस कई वर्षों तक सत्ता में रही, लेकिन इसे पुनर्जीवित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर को देश का प्रमुख विकास इंजन बनाने में योगदान देने के लिए एक बार फिर बंद जल संपर्क स्थापित किया गया है।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले पूर्वोत्तर को उपेक्षित क्षेत्र के रूप में देखा जाता था। पीएम मोदी ने देश के सामने इसकी कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक विरासत को लाने का काम किया।
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उन्होंने कहा कि असम और गुजरात भौगोलिक रूप से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर हैं, फिर भी असम और गुजरात इतिहास और सभ्यता के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ये संबंध 60,000 साल से भी अधिक पुराना है।
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अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार का मानना है कि जब तक किसी देश को अपने इतिहास, अपनी जड़ों और अपनी ताकत का स्पष्ट ज्ञान नहीं होगा, वह विकास के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकता।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने वार्षिक रूप से गुजरात के पोरबंदर में लगने वाले माधवपुर मेले के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि आजादी से पहले, जलमार्ग ने व्यापार और वाणिज्य को सुविधाजनक बना दिया था और असम और पूर्वोत्तर के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी, लेकिन आजादी के बाद खासकर 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद यह जलमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि असम और केंद्र में कांग्रेस कई वर्षों तक सत्ता में रही, लेकिन इसे पुनर्जीवित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर को देश का प्रमुख विकास इंजन बनाने में योगदान देने के लिए एक बार फिर बंद जल संपर्क स्थापित किया गया है।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले पूर्वोत्तर को उपेक्षित क्षेत्र के रूप में देखा जाता था। पीएम मोदी ने देश के सामने इसकी कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक विरासत को लाने का काम किया।