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Defamation Case: असम के CM ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान, मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि से जुड़ा है मामला

Fri, 05 Aug 2022 08:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 05 Aug 2022 08:30 PM IST
सार

सरमा के वकील ने कहा कि जेसीबी इंडस्ट्रीज ने एनएचएम, असम को पीपीई किट की आपूर्ति के लिए किसी भी बोली में भाग नहीं लिया और न ही उसने कोई बिल पेश किया। 

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Himanta biswa sarma records statement in defamation case against manish Sisodia
हिमंत बिस्व सरमा और मनीष सिसोदिया - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ दायर एक आपराधिक मानहानि के मामले में शुक्रवार को एक अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। 
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मुख्यमंत्री के वकील देवजीत सैकिया ने बताया कि सरमा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कामरूप ग्रामीण की अदालत में अपना बयान दिया और मामले के कई अन्य गवाहों के इस महीने के अंत में अपना बयान दर्ज कराने की संभावना है। 
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सरमा ने सिसोदिया के खिलाफ 30 जून को 'आधारहीन भ्रष्टाचार के आरोप' लगाने का मामला दर्ज कराया था। दरअसल सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि कोविड-19 की पहली लहर के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को बाजार कीमत से अधिक दर पर पीपीई किट की सप्लाई की गई। जिन कंपनियों ने पीपीई किट की सप्लाई की थी उनमें एक जेसीबी इंडस्ट्रीज भी थी जो उनकी पत्नी रिंकी भुइयां के सह-स्वामित्व में है। 
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सैकिया ने कहा, मुख्यमंत्री ने अपना बयान दिया है जो शुरुआती बयान का हिस्सा है। मामले में अगली सुनवाई इस महीने के आखिर में होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी चार गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। 

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि बयान दर्ज होने और जांच पूरी होने के बाद अदालत दिल्ली के उप मुख्यमंत्री द्वारा सरमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर एक प्रक्रिया के बारे में फैसला करेगी। 

भुइयां सरमा ने 21 जूनको कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सिविल जज नंबर एक की अदालत में सिसोदिया के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला भी दायर किया था। 

सरमा के वकील ने कहा कि जेसीबी इंडस्ट्रीज ने एनएचएम, असम को पीपीई किट की आपूर्ति के लिए किसी भी बोली में भाग नहीं लिया और न ही उसने कोई बिल पेश किया। इसने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) गतिविधियों के तहत एनएचएम असम को लगभग 1500 पीपीई किट की आपूर्ति की थी। 

इससे पहले 1 जून को दो डिजिटल मीडिया संगठनों ने एक संयुक्त जांच रिपोर्ट में दावा किया था कि असम सरकार ने कोविड से जुड़े चार आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति आदेश दिए थे, उनमें से अधिकांश में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 

 
इसके बाद विपक्षी कांग्रेस, राजजर दल और असम जातीय परिषद ने कथित अनियमितताओं की सीबीआई, ईडी या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। 
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