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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने में हिमाचल सबसे पिछड़ा, पंजाब-चंडीगढ़ आगे
Wed, 18 Dec 2019 03:17 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 18 Dec 2019 03:17 AM IST
सार
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों की स्थिति पर तैयार की है रिपोर्ट
- पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में 60 फीसदी से ज्यादा हुआ है काम
- यूपी, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में 40 फीसदी से कम बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में 20 फीसदी भी सेंटर नहीं बने
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विस्तार
पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थिति सबसे पिछड़ी है। जबकि पंजाब और चंडीगढ़ में सबसे बेहतर प्रयास किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले जा रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्टेट्स रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार बीते 30 नवंबर तक पंजाब और चंडीगढ़ में 80 फीसदी से ज्यादा सेंटरों की स्थापना हुई है। जबकि हिमाचल प्रदेश में 20 फीसदी से भी कम सेंटर खोले गए हैं।
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वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के शुरू होने का लक्ष्य दिया है। ऐसे में राज्यों को सलाह दी जा रही है कि वे ज्यादा से ज्यादा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को खोल मधुमेह, कैंसर और योग पर काम करें। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा को 672 सेंटर खोलने का लक्ष्य दिया था जिसमें से 467 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का लाभ जनता को मिल रहा है। जबकि हिमाचल प्रदेश के लिए तय किए 523 सेंटरों के लक्ष्य में 39 ही शुरू हो पाए हैं।
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ठीक इसी तरह जम्मू कश्मीर में 754 सेंटरों के लक्ष्य में से 239 खोले जा चुके हैं। पंजाब को 764 सेंटर का लक्ष्य दिया था जबकि उन्होंने 863 सेंटर शुरू कर दिए हैं। चंडीगढ़ ने भी अपना 10 सेंटर शुरू करने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। यूपी और उत्तराखंड की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 2467 व उत्तराखंड में 253 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। हालांकि इन दोनों ही राज्यों को क्रमश: 5278 व 472 सेंटर शुरू करने का लक्ष्य दिया था।
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दिल्ली में एक भी सेंटर नहीं
आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को देश भर में शुरू किया जा रहा है। इस सेंटर पर मरीजों को निशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। साथ ही 30 वर्ष की आयु के लोगों को निशुल्क जांच भी मिल रही है जिसमें ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर के अलावा हाइपरटेंशन व डायबिटीज की जांच शामिल है। दिल्ली में अब तक एक भी सेंटर शुरू नहीं हो पाया है।
आयुष को भी मिली है 12 हजार की जिम्मेदारी
आयुष मंत्रालय के अनुसार पीएमओ ने करीब 12 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के शुरू कराने की जिम्मेदारी दी है। जहां मधुमेह से लेकर कैंसर की जांच इत्यादि तक की सुविधा होगी। यहां भी हाइपरटेंशन और मधुमेह रोगियों को उपचार मिल सकेगा। जानकारी के मुताबिक भारतीय वैज्ञानिकों के शोध से तैयार सरकार की बीजीआर-34 जैसी दवाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।
24,400 सेंटर में तीन करोड़ से ज्यादा को मिला लाभ
मंत्रालय के अनुसार अब तक देशभर में 24,400 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा चुके हैं जिनमें तीन करोड़ से भी ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। इन सेंटरों पर सरकार अब तक 3 लाख योग सत्र आयोजित करा चुकी है। जबकि 82 लाख ब्रेस्ट कैंसर, 49 लाख सवाईकल और 1 करोड़ 22 लाख से ज्यादा लोगों में ओरल कैंसर की जांच की जा चुकी है। इनके अलावा 69 लाख 41 हजार हाइपरटेंशन के रोगियों को पंजीकृत कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं 38 लाख 17 हजार डायबिटीज रोगियों को यहां निशुल्क उपचार मिल रहा है।