स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में वह कई बड़े मुद्दों पर बोले। चलिए आपको बताते हैं उन मुख्य मुद्दों के बारे में-
पीएम मोदी ने कहा 'मैं बेसब्र हूं कि मेरा देश बहुत सारे देशों से आगे निकले। उन्होंने कहा, 'भारत देश न थकेगा, न रुकेगा, मैं व्याकुल हूं, आतुर हूं और अधूर हूं।' पीएम ने इसके बाद तीन तलाक मुद्दे पर कहा कि तीन तलाक की कुरीति ने मुस्लिम महिलाओं को डरा रखा है। उन्होंने कहा, तीन तलाक के कारण मुस्लिम महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय होता है। इस कुप्रथा को खत्म करने के लिये हम प्रयासरत हैं लेकिन कुछ लोग इसे खत्म नहीं करने देना चाहते। मैं मुस्लिम बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि हम उन्हें न्याय दिलाने के लिये पूरा प्रयास करेंगे।कहा कि
देश आज ईमानदारी का उत्सव मना रहा है, अगर कल्याणकारी योजनाओं से किसी को पुण्य मिलता है तो सरकार को नहीं बल्कि ईमानदार करदाताओं को मिलता है, उनके पैसे से गरीब परिवारों को सस्ता भोजन मिलता है। उन्होंने कहा कि किसान आज गर्व महसूस कर रहा है। हमारा इरादा 2022 तक कृषि क्षेत्र में बीज से लेकर बाजार तक आधुनिकता लाकर मूल्य वर्द्धन करने का है ताकि किसान विश्व बाजार में ताकत के साथ खड़ा हो सके। वर्षों से किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने की मांग थी जिसे हमने पूरा किया।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि हम गोली और गाली के रास्ते नहीं, बल्कि गले लगाकर कश्मीरी भाइयों-बहनों के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अटल जी का आह्वान था- इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत। मैंने भी कहा है, जम्मू- कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है। हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय के घर की रसोई धुंआ मुक्त हो और हर भारतीय के घर में जरूरत के मुताबिक जल पहुंचे यही उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में बहुत काम हुए। वर्ष 2013 की रफ्तार से चलते तो गांवों तक बिजली पहुंचाने में एक-दो दशक और लग जाते, उसी रफ्तार से काम करते तो गरीबों को एलपीजी चूल्हा उपलब्ध कराने में 100 साल भी कम पड़ जाते।