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Talk loudly on the phone while on a train, and you could face 6 months in jail and a heavy fine—a warning from
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अब ट्रेन में की जोर-जोर से फोन पर बात, तो 6 महीने की जेल और भारी जुर्माना, रेलवे की चेतावनी
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:30 AM IST
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दक्षिण रेलवे ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि यात्रियों को ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना होगा। तेज आवाज में फोन पर बातचीत करना, स्पीकर पर संगीत बजाना या वीडियो देखना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे ने जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत क्षेत्रीय भाषाओं, हिंदी और अंग्रेजी में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में नोटिस और सूचना संदेश भी लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान शोर से बचने की जरूरत समझाई जा सके।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत उपद्रव करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। दक्षिण रेलवे के 6 अक्टूबर 2026 के परिपत्र में बताया गया है कि ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि रेलवे के अधिकृत कर्मचारी के निर्देश के बावजूद यात्री उपद्रव जारी रखता है, तो परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार छह महीने तक की साधारण कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि केवल मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर अपने आप जेल नहीं होगी, बल्कि कार्रवाई उपद्रव और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर होगी।
उत्तर रेलवे और पश्चिम रेलवे ने भी ट्रेनों में मोबाइल फोन के अनुचित इस्तेमाल से यात्रियों को होने वाली परेशानी रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है। उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दक्षिण रेलवे की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यात्रियों को संगीत सुनते या वीडियो देखते समय हेडफोन और ईयरफोन इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। लंबी दूरी की यात्रा में कई यात्री आराम करना चाहते हैं, कुछ सो रहे होते हैं और कुछ अपने काम में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में तेज आवाज में बातचीत या वीडियो चलाना उनके लिए असुविधाजनक हो सकता है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों के बीच अनुशासन बढ़ाना और सभी के लिए शांतिपूर्ण यात्रा का माहौल तैयार करना है।
रेलवे की इस पहल के बाद यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। ट्रेन में फोन पर बातचीत करते समय आवाज धीमी रखें, मोबाइल को साइलेंट मोड पर रखें और गाने या वीडियो सुनने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करें। यदि कोई यात्री तेज आवाज से दूसरों को परेशान करता है, तो रेलवे कर्मचारी उसे ऐसा न करने की हिदायत दे सकते हैं और नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा, आपसी सम्मान और यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी सुविधा के साथ-साथ दूसरों के आराम का भी ध्यान रखें।
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