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बढ़ रही है गर्मी: पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाओं के कारण ज्यादा तापमान
Sat, 03 Jul 2021 12:08 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 03 Jul 2021 12:08 AM IST
सार
देश के सबसे ठंडे स्थानों में से एक लद्दाख के द्रास में तापमान जहां शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है, वहां तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश लाने वाले मौसमी तंत्र का अभाव और पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाएं उत्तर भारत के कई हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को असामान्य रूप से ज्यादा तापमान का कारण हो सकती हैं।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा बृहस्पतिवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत के कई इलाके लू और भीषण लू जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। वहीं, सोलन में पारा 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से छह डिग्री ऊपर था। इसके मुताबिक लद्दाख में भी तापमान सामान्य से ज्यादा है।
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इसमें कहा गया कि द्रास में तापमान 22.6 डिग्री तो नुब्रा के थोइसे में यह 31 डिग्री सेल्सियस रहा। बुलेटिन के मुताबिक स्ताकना में तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस, लेह में 25.7 डिग्री सेल्सियस, कारगिल में 28.5 डिग्री सेल्सियस और आधार शिविर में 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमालय को उसके विशाल बर्फीले क्षेत्र और ताजा पानी के स्रोत की वजह से दुनिया का “तीसरा ध्रुव” भी माना जाता है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आम तौर पर मानसून पूर्व के दिनों में लू या भीषण लू जैसी स्थितियां देखी जाती हैं। कई बार पहाड़ी इलाकों में भी ऐसी स्थितियां देखने को मिलती हैं।
आम तौर पर ठंडे रहने वाले हिमालयी इलाकों में सामान्य से ज्यादा तापमान के बारे में पूछे जाने पर आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इन इलाकों के लिए लू का सामना करना असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा, हालांकि इन इलाकों में दर्ज तापमान सामान्य नहीं है।
महापात्र ने कहा कि इस क्षेत्र में मानसून पहले ही कमजोर है। इसने तापमान को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर, लद्दाख, असम और अरुणाचल प्रदेश में जून-जुलाई में अधिकतम तापमान दर्ज किया जाता है।
हालांकि जम्मू कश्मीर और लेह क्षेत्र के लिए आईएमडी के आधिकारिक प्रभारी सोनम लोटक का नजरिया अलग है। उन्होंने कहा कि सभी तीनों क्षेत्रों में गर्मियों के चरम पर रहने के दौरान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान सामान्य है।
लोटस ने कहा कि जम्मू में 10 जून को 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो श्रीनगर में 10-11 जून को यह 34.7 डिग्री सेल्सियस था जबकि आठ जून को लेह में तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारक और भौगोलिक स्थिति भी तापमान में भूमिका निभाती है।
लू पर काम कर रहे आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में तापमान सामान्य से ऊपर जाने की संभावित वजह पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाएं हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हवाएं ऊपरी स्तर पर पांच से छह किलोमीटर पर बह रही हों तब पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूदा लू जैसे हालात की एक वजह यह हो सकती है।
कुमार ने कहा कि यह हवा मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने की वजह है। आईएमडी ने बृहस्पतिवार को अगले दो दिनों के लिए लू की चेतावनी जारी की थी।
मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि लद्दाख में कम बारिश हुई और वहां फिलहाल कोई मौसमी तंत्र सक्रिय नहीं है जिससे उत्तर भारत में नमी आए।