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आरटीआई के लिए 50 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा

Wed, 21 Mar 2018 09:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Mar 2018 09:32 AM IST
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highcourt will not get more than 50 rupees under RTI act said supreme court

हाईकोर्ट से किसी मामले में जानकारी पाने के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्रार्थनापत्र देने वालों से अब 50 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक स्वयंसेवी संगठन और एक व्यक्ति की याचिका पर शुल्क की ये सीमा तय की है। न्यायधीश एके गोयल, न्यायधीश आरएफ नरीमन और न्यायधीश यूयू ललित की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। 

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बेंच ने सभी हाईकोर्ट को ये भी कहा है कि वे आरटीआई के तहत सूचना मांगने वाले को कारण बताने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्णय हाईकोर्ट व अन्य प्राधिकरणों जैसे छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय आदि के खिलाफ लिया है। अनावश्यक रूप से फोटोकॉपी शुल्क के नाम पर ज्यादा रकम वसूलने के खिलाफ आई कई याचिकाओं पर सुनवाई में ये फैसला लिया गया। 
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एक एनजीओ से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूचना मांगने पर 500 रुपये का शुल्क वसूला था। जबकि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक व्यक्ति दिनेश कुमार सोनी की विधानसभा सचिवालय में 300 रुपये का आरटीआई शुल्क कम कराए जाने की याचिका को खारिज करते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया था। 
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एनजीओ ने याचिका में ये भी कहा था कि केंद्रीय सूचना आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपने आरटीआई नियमों में सुधार करने के लिए कहा था। लेकिन उसका आग्रह नकार दिया गया। एनजीओ की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अपनी जिरह में सूचना मांगने पर आम आदमी से बहुत ज्यादा शुल्क मांगे जाने को दंड दिए जाने जैसा बताया। 

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