पुखरायां रेल हादसे की उच्च स्तरीय जांच जारी, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे: सिन्हा
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केंद्रीय रेल एवं संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने फिर दोहराया है कि पुखरायां रेल हादसे की उच्च स्तरीय जांच जारी है, और इसमें किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोहरे व धुंध के दौरान ट्रेनों को सिग्नल पास कराने के लिए डेटोनेटर (पटाखा) तकनीक ही वर्तमान में संभव है, लेकिन रेलवे इसकी नई तकनीक विकसित करने के भी प्रयास कर रहा है।
शुक्रवार को ग्वालियर में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने देर शाम केरला एक्सप्रेस से आए केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि पुखरायां हादसे पर वह अभी ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे।
क्योंकि हादसे की जांच उच्च स्तर पर जारी है, लेकिन इतना अवश्य है कि जांच निष्पक्ष होगी और इसमें दोषी लोगों को कतई भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों में जो भी तथ्य सामने निकल कर आएंगे, उनके हिसाब से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
रेल चालन के लिए नई तकनीक विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है
देश में हादसे रहित रेल संचालन के संदर्भ में उनका कहना था कि रेलवे प्रशासन पूरी सजगता से रेल संचालन करता है। इस मामले में देखा जा रहा है कि कहां पर गड़बड़ी हुई।
रेलवे ट्रैक पर कोहरे के दौरान रेल गाड़ियों के निर्वाध आवागमन के लिए के लिए पटाखा (डेटोनेटर) जैसी पुरानी तकनीक आज भी जारी रहने पर मनोज सिन्हा का कहना था कि कोहरे-धुंध के दौरान रेल चालन के लिए अभी भी यही तकनीक ही उपलब्ध है, लेकिन रेलवे इस प्रणाली की जगह फिलहाल नई तकनीक विकसित करने पर भी ध्यान दे रही है।
हालांकि अभी इस पर अंतिम स्वीकृति अभी तक नहीं बन पाई है। इससे पूर्व यहां पहुंचे पर मुरैना-श्योपुर के सांसद अनूप मिश्रा समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने रेल राज्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर डीआरएम झांसी एके मिश्रा, एसडीसीएम दुर्गेश दुबे आदि मौजूद रहे।