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Maharashtra: 'CBI करे शिवसेना के पूर्व पार्षद की हत्या की जांच'; हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में लापरवाही
Fri, 06 Sep 2024 04:59 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 06 Sep 2024 04:59 PM IST
सार
पीठ ने कहा कि पुलिस ने कुछ पहलुओं पर जांच नहीं की। अदालत ने कहा कि इस तरह की चूक के बाद पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, इससे न्याय मिलने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
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बॉम्बे हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व शिवसेना पार्षद अभिषेक घोसालकर की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी। अदालत ने बताया कि पुलिस ने कुछ पहलुओं की जांच नहीं की। जस्टिस रेवती रेवती मोहिते डेरे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मृतक पार्षद की पत्नी तेजस्वी घोसालकर की याचिका को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अपनी याचिका में पुलिस जांच पर चिंता जताते हुए सीबीआई जांच की अपील की।
पीठ ने कहा कि पुलिस ने कुछ पहलुओं पर जांच नहीं की। अदालत ने कहा, "इस तरह की चूक के बाद पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, इससे न्याय मिलने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।"
बता दें कि स्थानीय व्यापारी मौरिस नोरोंहा ने आथ फरवरी को फेसबुक के लाइव सत्र के दौरान घोसालकर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के तुरंत बाद नोरोंहा ने खुद को भी गोली मार ली थी। पुलिस ने बाद में नोरोंहा के बॉडीगार्ड अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। दरअसल, इस घटना में बॉडीगार्ड के बंदूक का इस्तेमाल किया गया था।
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पुलिस ने दावा किया था कि नोरोंहा घोसालकर से कई मुद्दों पर नाराज थानोरोंहा का मानना था कि उनके ऊपर लगे दुष्कर्म के आरोप में और उनकी राजनीतिक करियर को खत्म करने के पीछे घोसालकर का हाथ था।
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पीठ ने कहा कि पुलिस ने कुछ पहलुओं पर जांच नहीं की। अदालत ने कहा, "इस तरह की चूक के बाद पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, इससे न्याय मिलने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।"
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बता दें कि स्थानीय व्यापारी मौरिस नोरोंहा ने आथ फरवरी को फेसबुक के लाइव सत्र के दौरान घोसालकर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के तुरंत बाद नोरोंहा ने खुद को भी गोली मार ली थी। पुलिस ने बाद में नोरोंहा के बॉडीगार्ड अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। दरअसल, इस घटना में बॉडीगार्ड के बंदूक का इस्तेमाल किया गया था।
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पुलिस ने दावा किया था कि नोरोंहा घोसालकर से कई मुद्दों पर नाराज थानोरोंहा का मानना था कि उनके ऊपर लगे दुष्कर्म के आरोप में और उनकी राजनीतिक करियर को खत्म करने के पीछे घोसालकर का हाथ था।