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Kerala: 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को प्री-टर्म डिलीवरी की इजाजत, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर HC का फैसला

Thu, 09 Jul 2026 11:41 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: Pavan Updated Thu, 09 Jul 2026 11:41 PM IST
सार

केरल हाईकोर्ट ने 31 सप्ताह की गर्भवती 15 वर्षीय छात्रा को समय से पहले डिलीवरी की अनुमति दे दी है। अदालत ने यह फैसला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर सुनाया। बोर्ड ने नाबालिग और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्री-टर्म डिलीवरी की सिफारिश की थी।

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High Court permits preterm delivery for 31-week pregnant minor; decision based on medical board report
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को 31 हफ्ते की गर्भवती 15 साल की एक छात्रा को समय से पहले डिलिवरी कराने की इजाजत दे दी। अदालत ने यह फैसला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और नाबालिग व उसके परिवार की इच्छा को ध्यान में रखते हुए सुनाया। लड़की की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भ समाप्त करने या समय से पहले प्रसव कराने की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने कहा, लड़की नाबालिग है और वह पढ़ाई कर रही है। नाबालिग और उसका परिवार गर्भ जारी नहीं रखना चाहते।
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मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?
इससे पहले हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया था। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डिलिवरी को समय से पहले प्रेरित (इंड्यूस) किया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान लड़की और उसकी मां ने अदालत को बताया कि बच्चे के जन्म के बाद वे उसकी देखभाल करने के लिए तैयार हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हाईकोर्ट ने दिया हवाला
केरल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि किसी भी महिला, खासकर अविवाहित लड़की को उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। सबसे महत्वपूर्ण बात गर्भवती महिला की इच्छा होती है। हाईकोर्ट ने कोट्टायम सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक को निर्देश दिया कि लड़की और उसकी मां से लिखित सहमति लेने के बाद समय से पहले डिलीवरी कराया जाए।
 
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