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मुंबई: परमबीर सिंह को फिर झटका, उद्धव सरकार की जांच के खिलाफ याचिका खारिज
Thu, 16 Sep 2021 01:13 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 16 Sep 2021 01:13 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह की याचिका पर प्राथमिक आपत्तियां जताई थीं और कहा था कि उच्च न्यायालय इस पर सुनवाई नहीं कर सकता क्योंकि यह पूरी तरह सेवा का मामला है।
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परमबीर सिंह
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को एक बार फिर झटका लगा है। बंबई उच्च न्यायालय ने परमबीर सिंह द्वारा दायर उस याचिका को सुनवाई के योग्य नहीं माना, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई दो प्राथमिक जांच को रद्द करने का अनुरोध किया है।
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न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि परमबीर सिंह द्वारा मांगी गई राहत पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण फैसला ले सकता है क्योंकि यह सेवा का मामला है। अदालत ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता (सिंह) उचित मंच का रुख करते हैं तो वह इस पर सुनवाई कर सकता है और उच्च न्यायालय के बृहस्पतिवार के आदेश के संबंध में किसी पूर्वाग्रह के बिना फैसला दे सकता है। सिंह ने अपनी याचिका में उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने के राज्य सरकार के दो आदेशों को चुनौती दी है। पहली जांच ड्यूटी में लापरवाही और गलत आचरण को लेकर और दूसरी कथित भ्रष्टाचार को लेकर है।
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सरकार के वकील डेरियस खम्बाटा ने दलील दी थी कि याचिका व्यर्थ है। उन्होंने तर्क दिया था कि याचिका में जिन दो प्रारंभिक जांचों को चुनौती दी गई है, उनका कोई मतलब नहीं है क्योंकि जांच का नेतृत्व कर रहे महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडे ने अपने आप को इससे अलग कर लिया है। उन्होंने याचिका में सिंह द्वारा उनके खिलाफ लगाए आरोपों के बाद खुद को जांच से अलग कर लिया।
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अपनी याचिका में सिंह ने संजय पांडे के खिलाफ भी आरोप लगाए थे और दावा किया था कि डीजीपी ने उन्हें एक निजी बैठक में कहा था कि अनिल देशमुख के खिलाफ सिंह की शिकायत के कारण जांच शुरू की गई है। बता दें कि परमबीर सिंह ने इस साल मार्च में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।