फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   high court orders donation to naam foundation

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाना की संस्था को दिलाए डेढ़ लाख

Thu, 05 May 2016 03:19 PM IST
अश्विन अघोर/महाराष्ट्र से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
अश्विन अघोर/महाराष्ट्र से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए Updated Thu, 05 May 2016 03:19 PM IST
विज्ञापन
high court orders donation to naam foundation

अभिनेता नाना पाटेकर तथा मकरंद अनासपुरे की सेवाभावी संस्था 'नाम' फाउंडेशन इन दिनों न्यायपालिका की चहेती बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में इस संस्था को दान देने के कई आदेश बॉम्बे उच्च न्यायालय ने दोषियों को सजा के तौर पर दिए हैं। इस तरह के ताजा मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिर एक बार इसी तरह के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


इस आदेश के अनुसार नागपुर के दो व्यक्तियों को उनके ख‌िलाफ दायर मामला रद्द करने के लिए इस संस्था को डेढ़ लाख रुपए का दान देने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार, मामला वर्ष जनवरी 2014 का है। अंधेरी स्थित निजी सलाहकार महिला ने नागपुर स्थित दो व्यक्तियों के ख‌िलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, महिला को मोबाइल फोन पर एक रियल एस्टेट कंपनी की वेबसाइट से अश्लील संदेश आने शुरू हुए।
विज्ञापन


जब महिला ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज की तो यह सिलसिला कुछ दिनों के लिए बंद हो गया। लेकिन कुछ दिनों के बाद महिला को अनजान लोगों के फोन आने शुरू हुए, जो यह दावा करते थे के उन्हें यह नंबर एक एडल्ट वेबसाइट से मिला है। इसी तरह, महिला के परिजनों को अनजान लोगों के फोन आने लगे जो यह दावा करते थे की इस महिला के कई लोगों से अनैतिक संबंध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की गंभीरता को देखते हुए, महिला ने जुलाई 2015 में धारावी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने नागपुर के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिसमें से एक पीड़ित महिला के बहन का पति है। तफ्तीश में पता चला है कि महिला से हुए एक झगड़े का बदला लेने के लिए वह उसे अश्लील संदेश भेजा करता था।

फाउंडेशन का दावा, किसानों की मदद करती है संस्‍था

high court orders donation to naam foundation

नाम फाउंडेशन का कहना है कि वह महाराष्ट्र में कर्ज में डूबे किसानों की आर्थिक मदद करती है दोनों के ख‌िलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दायर की। सुनवाई के दौरान अभियुक्त और महिला के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत महिला शिकायत वापस लेने के लिए राजी हो गई।

दोनों पक्षों ने एफआईआर रद्द करने के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इस याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश जारी करते हुए जस्टिस अभय ओके तथा जस्टिस प्रकाश नाइक के खंडपीठ ने एफआईआर रद्द करने के लिए दोनों पक्षों को 'नाम' फाउंडेशन को डेढ़ लाख रुपए का डोनेशन देकर उसकी रसीद अदालत में जमा करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed