बड़ी कार्रवाई : कांडला पोर्ट के पास गोदाम से पकड़ी 2000 करोड़ की हेरोइन, जिप्सम की बोरियों में भरकर लाई गई थी
मादक पदार्थों की यह खेप बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को पकड़ी गई।
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मादक पदार्थों की यह खेप बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को पकड़ी गई। जिस निजी कंटेनर गोदाम पर यह कार्रवाई की गई है, वह कांडला पोर्ट से 16 किलोमीटर दूर बताया गया है। गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि 17 कंटेनरों से 10,318 जिप्सम की बोरियां लाई गई थीं। इन बोरियों को वजन 394400 किलो बताया गया है। इनका उत्तराखंड के पांडरी सिसोना की फर्म बालाजी ट्रेडर्स ने किया था। इसे ईरान के अब्बास बंदरगाह से कीवन यूसेफी बुलेवार्ड इमाम लोसिंग तलैह फाज से आयात किया गया था।
छह माह से लावारिस पड़ी थी बोरियां
बुधवार-गुरुवार रात जिस खेप से हेरोइन जब्त की गई, उसे अक्तूबर 2021 में लोड किया गया था। हेरोइन की मात्रा बढ़ने की संभावना है, क्योंकि जिप्सम के बोरे की जांच जारी है। बताया गया है कि जिप्सम की ये बोरियां छह माह से लावारिस पड़ी थीं। गुजरात एटीएस के को इनके बारे में गुप्त सूचना मिली थी, इसके बाद राजस्व गुप्तचर निदेशालय को सूचना दी गई। फिर एटीएस व डीआरआई ने साझा कार्रवाई को अंजाम दिया।
उत्तराखंड रवाना हुई गुजरात एटीएस की टीम
गुजरात एटीएस और डीआरआई की टीम मामले की जांच कर रही है। इसकी जांच भी पूर्व में मुंदरा पोर्ट से पकड़ाई भारी भरकम खेप की जांच के साथ एनआईए को सौंपे जाने की संभावना है। ईरान से खेप आयात करने वाली फर्म का पता लगाने के लिए गुजरात से एक टीम पहले ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुकी है।
पंजाब व दिल्ली पहुंचाई जानी थी खेप
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार शक है कि हेरोइन की यह खेप अफगानिस्तान के कंधार से पाकिस्तान के रास्ते ईरान से भारत लाई गई। हेरोइन को गुजरात से पंजाब और दिल्ली ले जाया जाना था।
पिछले साल मुंदरा पोर्ट से पकड़ी थी 21 हजार करोड़ की हेरोइन
इसके पहले पिछले साल 13 सितंबर को भी गुजरात के मुंदरा पोर्ट से 21 हजार करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई थी। यह मामला खूब चर्चित रहा था। इसे टेल्कम पाउडर के नाम से आयात किया गया था। केंद्र ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी है। मादक पदार्थ की यह खेप भी ईरान के अब्बास बंदरगाह से मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंची थी।