फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Herd immunity is the young population due to the decrease in cases of Covid19 in India

भारत में कोविड-19 के मामलों में कमी का कारण है हर्ड इम्यूनिटी और युवा आबादी

Tue, 05 Jan 2021 02:30 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 05 Jan 2021 02:30 AM IST
विज्ञापन
Herd immunity is the young population due to the decrease in cases of Covid19 in India
नमूना एकत्र करता एक स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

भारत में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की निश्चित संख्या का शायद कभी पता नहीं चल सके, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय इस बात से सहमत हैं कि बीमारी के मामलों की संख्या कम होना एक वास्तविकता है। संभवत: इसके लिए स्थानीकृत हर्ड इम्यूनिटी यानी सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता और युवा आबादी को श्रेय दिया जा सकता है।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों ने भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव को समझने का प्रयास किया। सोमवार को कोविड-19 के 16,504 नये मामले सामने आये जो 16 सितंबर को सामने आए 97,894 मामलों की तुलना में छह गुना कम हैं।
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि उम्मीद की एक किरण है और भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है और टीकाकरण कार्यक्रम महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अशोका यूनिवर्सिटी के त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज के निदेशक शाहिद जमील ने भारत के कोविड ग्राफ को देखते हुए कहा, यह निश्चित संख्या नहीं है, बल्कि उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान सही संख्या का पता होना असंभव और अव्यावहारिक लगता है या जब तक सभी की जांच नहीं की होती है इसे बता पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के मामले सितंबर के मध्य में चरम पर पहुंचने के बाद से लगातार कम हो रहे हैं।

राष्ट्रीय रुख के मुताबिक, दिल्ली में कोविड-19 के मामलों का ग्राफ भी सोमवार को नीचे आया और 384 नये मामले दर्ज किए गए जो सात महीनों में सबसे कम हैं और इससे उम्मीद जगी है कि हर्ड इम्यूनिटी स्थापित हो सकती है। हर्ड इम्यूनिटी होने का मतलब है कि लोगों के एक बड़े हिस्से में किसी वायरस से लड़ने की ताकत को पैदा करना।

जमील ने मीडिया से बात करते हुए कहा, सितंबर के मध्य से जांच या व्यवहार में कुछ भी नहीं बदला है। मामले कम हो रहे हैं। नई दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (एनआईआई) के रोग प्रतिरक्षा विज्ञानी (इम्यूनोलॉजिस्ट) सत्यजीत रथ ने कहा कि हालांकि वास्तविक संख्याओं को अच्छी तरह से आंका जा सकता है, और मामलों की संख्या कम होने की प्रवृत्ति वास्तविक प्रतीत होती है और संक्रमण के प्रसार की दर कम होने की संभावना है।

वाशिंगटन में सेंटर फॉर डिसीज डायनेमिक्स, इकनोमिक्स एंड पॉलिसी के संस्थापक और निदेशक लक्ष्मीनारायण ने कहा, भारत युवा आबादी के कारण अधिक सुरक्षित रहा जहां देश का 65 प्रतिशत हिस्सा 35 वर्ष से कम आयु का है और इन आयु वर्गों में संक्रमण की संभावना कम है।

लक्ष्मीनारायण ने हालांकि चेताते हुए कहा कि निश्चित रूप से अधिकांश राज्यों में संक्रमण की संख्या में स्वाभाविक रूप से गिरावट देखी जा सकती है लेकिन ऐसा पहले भी कई अन्य देशों में देखा गया है जहां मामलों में वृद्धि हुई है।


रथ ने लक्ष्मीनारायणन से सहमति जताते हुए कहा कि वायरस का प्रसार एक समान लहर के रूप में नहीं है, बल्कि बहुत से परिवर्तनशील स्थानीय कारणों से होता है। एक टीके पर चर्चा करते हुए, लक्ष्मीनारायण ने कहा कि सभी को एक खुराक मिलनी चाहिए, भले ही लोगों में कोविड-19 का संक्रमण हुआ हो या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed