{"_id":"615387648ebc3e69c76de537","slug":"heavy-rains-and-many-dead-by-lighting-in-maharashtra","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश का कहर, 48 घंटे में 13 की मौत, एनडीआरएफ ने 560 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश का कहर, 48 घंटे में 13 की मौत, एनडीआरएफ ने 560 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया
Wed, 29 Sep 2021 02:55 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, औरंगाबाद/मुंबई
एएनआई, औरंगाबाद/मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 29 Sep 2021 02:55 AM IST
सार
मराठवाड़ा मध्य महाराष्ट्र का इलाका है जहां बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। यहां के आठ जिले औरंगाबाद, लातूर, उस्मानाबाद, परभणी, नांदेड, बीड, जालना और हिंगोली में भारी तबाही हुई है।
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रेस्क्यू में जुटी एनडीआरएफ की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के कुछ हिस्से लगातार बारिश की मार झेल रहे हैं। इस दौरान मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश, बाढ़ और बिजली गिरने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। लोगों को राहत देने के लिए एनडीआरएफ की टीमें लगातार जुटीं हैं, साथ ही 560 से अधिक लोगों को हेलीकॉप्टरों के जरिए बचाया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि रविवार और सोमवार को मराठवाड़ा में हुई मूसलाधार बारिश में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए सैंकड़ों मवेशी पानी में बह गए। अधिकारी ने कहा कि मराठावाड़ा बारहमासी सूखाग्रस्त क्षेत्र माना जाता है लेकिन यहां बारिश के कारण तबाही मची हुई है।
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मराठवाड़ा मध्य महाराष्ट्र का इलाका है जहां बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। यहां के आठ जिले औरंगाबाद, लातूर, उस्मानाबाद, परभणी, नांदेड, बीड, जालना और हिंगोली में भारी तबाही हुई है। अधिकारियों बताया कि मंजारा बांध से सटे इलाकों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार को पानी की निकासी के लिए मंजारा बांध के सभी 18 और मजलगांव बांध के 11 गेट खोल दिए, जिससे 78,397 क्यूसेक 80,534 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण बीड जिले के कुछ गांवों में बाढ़ आ गई जबकि पड़ोसी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार यवतमाल जिले में मंगलवार की सुबह महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बस नागपुर से नांदेड़ जा रही थी। बाढ़ के पानी में डूबे पुल को पार करते समय बह जाने से एक शख्स की मौत हो गई और तीन अन्य लापता हो गए। यह घटना उमरखेड़ तहसील के दहागांव पुल पर सुबह करीब आठ बजे हुई।
प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण पिछले 48 घंटे में बीड में तीन, ओस्मानाबाद और परभनी में दो-दो और जालना, नादेड़ और लातूर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। हालांकि इसमें मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
नदी में फंसे तीन लोगों को निकाला गया
एक अधिकारी ने बताया कि सरसा गांव में मांजरा नदी के तट पर फंसे 40 में से 25 लोगों को नाव की सहायता से निकाला गया है और बाकी 15 को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेनापुर तहसील के डिगोल देशमुख क्षेत्र में नदी में फंसे तीन लोगों को निकाला गया है।
हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया है
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी साकिब उस्मानी ने बताया कि राज्य सिंचाई विभाग के तीन कर्मचारी घंसारगांव बैराज में फंसे हैं और एनडीआरएफ के एक दल तथा एक हेलीकॉप्टर को उन्हें बचाने के लिए तैनात किया गया है। मुंबई और उपनगरों में मंगलवार को भारी बारिश हुई, लेकिन अब तक जल-जमाव की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है और उपनगरीय ट्रेनों सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।