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Weather Update: उत्तर भारत में अभी और सताएगी लू, इस वजह से कमजोर पड़ा मानसून, जानें कब होगी बारिश?

Thu, 13 Jun 2024 07:53 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 13 Jun 2024 07:53 PM IST
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सार
Weather Update: उत्तर भारत में लोगों को अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप झेलना पड़ेगा। दरअसल महाराष्ट्र पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। और यही वजह है कि करीब 2 हफ्तों तक देश के उत्तर पश्चिम इलाकों में गर्मी और लू का असर रहेगा।
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Heat wave will continue in North India, Know when which state monsoon will reach
उत्तर भारत में अभी और सताएगी लू, जानें किस राज्य में कब होगी बारिश? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आमतौर पर जून के पहले हफ्ते से देश के मध्य और उत्तरी इलाकों में मानसून की बारिश होने लगती है। लेकिन जून महीने का तीसरा हफ्ता शुरू होने के बाद भी उत्तर भारत में मानसूनी बारिश का नामो-निशान नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार देश में समय से पहले दस्तक देने के बाद अब मानसून कमजोर पड़ने लगा है। इस वजह से मानसून कुछ दिनों के लिए ठहर सकता है और संभावना है कि अगले 8-10 दिनों तक यह कमजोर रह सकता है। जिससे देश के उत्तर पश्चिम इलाकों में मानसून के आगमन में देरी हो सकती है। वहीं बारिश न होने से उत्तर और मध्य भारत में लू बढ़ सकती है।


मौसम विभाग का कहना है कि महाराष्ट्र पहुंचने के बाद मानसून धीमा हो गया है और इसे फिर से गति पकड़ने में एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। बता दें कि मुंबई में मानसून तय समय से करीब दो दिन पहले पहुंच गया, लेकिन मध्य और उत्तरी राज्यों में इसके फैलाव में देरी हो सकती है। मानसून अगले तीन से चार दिनों के दौरान ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी को कवर कर सकता है। आईएमडी के अनुसार, उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जो सामान्य से लगभग तीन से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है।


'जून के तीसरे हफ्ते में फिर सक्रिय होगा मानसून'
मौसम संबंधी जानकारी देने वाली निजी वेबसाइट स्काईमेट वेदर के मुताबिक, भले ही देश के दक्षिणी इलाकों में चक्रवात की समाप्ति से मानसून कमजोर पड़ गया है, लेकिन 15-16 जून के बीच पूर्वी भारत में यह फिर से सक्रिय हो सकता है। 22 जून तक यह पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश तक सक्रिय हो जाएगा। मानसून अभी अस्थायी तौर पर कमजोर हुआ है। और ऐसा हर साल होता है।

कब राज्यों में एंट्री करेगा मानसून
केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में मानसून ने 30 मई को दस्तक दी थी। केरल के कोट्टायम जिले के कई हिस्सों में मानसून की पहली बारिश दर्ज की गई है। पिछले 10 सालों के दौरान ये चौथी बार है, जब मानसून अपने पूर्वानुमान से पहले आया है। इसके बाद महाराष्ट्र में भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी। और 9 जून को मुंबई में जमकर बारिश हुई। महाराष्ट्र के बाद 11 जून को गुजरात में मानसून का आगमन हुआ। दक्षिण गुजरात में नवसारी और वलसाड में मानसून की पहली बारिश हुई। अगले पांच दिनों तक राज्य के दक्षिणी हिस्सों बारिश का अनुमान है। गुजरात में भी समय से पहले मानसून की एंट्री हुई है। हालांकि, मानसून को पूरे राज्य तक पहुंचने में एक हफ्ते का समय लग सकता है।'

मध्य प्रदेश में एक हफ्ते बाद पहुंचेगा मानसून
वहीं मध्य प्रदेश के लोगों को मानसून के लिए कम से कम एक हफ्ते का इंतजार करना होगा। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 20 जून तक मानसून राज्य में दस्तक दे सकता है। वहीं, 25 जून तक मानसून पूरे राज्य को कवर कर सकता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को उम्मीद थी कि राज्य में समय पर मानसून की एंट्री हो जाएगी, लेकिन बंगाल की खाड़ी शाखा लगातार दूसरे साल भी कमजोर है। जिसकी वजह से इन राज्यों में मानसून ने अभी तक दस्तक नहीं दी है। बता दें कि भारत में मानसून की दो शाखाएं हैं। एक बंगाल की खाड़ी शाखा। दूसरी अरब सागर की शाखा, जो मजबूती से गुजरात की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के बिहार और झारखंड में 16-18 जून तक, उत्तर प्रदेश में 20-30 जून तक और दिल्ली में 29 जून के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। राजस्थान और उत्तराखंड में 25 जून के बाद ही मानसून का आगमन होगा। वहीं, कश्मीर में मानसून की बारिश भी 25 जून के बाद ही हो सकती है।

फिलहाल कुछ दिन जारी रहेगी उत्तर भारत में लू
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के जल्द दस्तक देने के बावजूद मानसून के कुछ इलाकों में आने में देरी हो सकती है। अगले 8 से 10 दिनों में इसके मजबूत होने के आसार नहीं हैं, इससे उत्तर भारत में इसके आगमन में देरी हो सकती है। नतीजतन, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे उत्तर भारत के राज्यों में अभी अधिक तापमान और भीषण गर्मी पड़ेगी। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारत के उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री सेल्सियस से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो हफ्तों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और ओडिशा जैसे भारत के उत्तरी और पूर्वी राज्यों में लू चलने की संभावना है। अभी इन राज्यों में लू से जल्द राहत मिलने की संभावना नहीं है। मानसून की प्रगति में देरी से उत्तरी मैदानों में तापमान बढ़ने की उम्मीद है।    
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